आर्मी एरिया में फर्जी पहचान पत्र के साथ पकड़े गए तीन संदिग्ध, सेना की कैंटीन में घुसे बिना इजाजत
हैदराबाद :- सिकंदराबाद के तिरुमालागिरी इलाके में स्थित सेना के एक क्षेत्र में तीन लोगों को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया. ये लोग बिना इजाजत सेना की कैंटीन में दाखिल हो गए थे और अपने मोबाइल फोन से वहां की वीडियो भी बना रहे थे. इनके पास से फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं.
कैसे हुआ शक
सेना की कैंटीन के पास ड्यूटी पर तैनात जवानों ने तीन लोगों को घूमते हुए देखा. वे दो महिलाओं को कैंटीन के अंदर ले जा रहे थे और वीडियो बना रहे थे. जब उनसे पूछताछ की गई तो वे कोई सही जवाब नहीं दे सके. जवानों को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है, इसलिए उन्होंने तुरंत उन्हें रोका और तिरुमालागिरी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया.
कौन हैं ये लोग
मुख्य आरोपी का नाम राकेश कुमार है, जो बिहार का रहने वाला है. वह इस समय हैदराबाद में एक निजी सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा है. पूछताछ में पता चला कि राकेश ने बिहार में खुद को ट्रैफिक पुलिस वाला बताकर एक लड़की से शादी की थी, लेकिन जब सच सामने आया तो पत्नी ने उसे छोड़ दिया.
इसके बाद वह हैदराबाद आ गया और यहां सेना की कैंटीन में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बिहार की कई महिलाओं से पैसे वसूले. दो महिलाओं को वह यहां कैंटीन दिखाने भी ले आया. बिना इजाजत सेना के इलाके में घुसना गंभीर अपराध है.
वीडियो बनाते पकड़े गए
राकेश और उसके दो साथी कैंटीन के पास घूमते हुए वीडियो बना रहे थे. जब उनके मोबाइल चेक किए गए तो सेना की इमारतों और आस-पास के क्षेत्र की रिकॉर्डिंग मिली. ये वीडियो अगर गलत हाथों में जाते तो सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता था.
खुफिया एजेंसियों ने शुरू की जांच
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सेना के एक अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया. अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और अन्य खुफिया एजेंसियां भी इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं.
पुलिस का साफ संदेश
हैदराबाद पुलिस ने कहा है कि सेना या सुरक्षा से जुड़े किसी भी क्षेत्र में बिना इजाजत जाना कानूनन अपराध है. साथ ही किसी को भी नौकरी का झांसा देकर पैसे वसूलना ठगी का मामला है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.