रायपुर:- राज्य में पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई और उन्हें जरूरी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी तरह की शॉर्टेज नहीं है और लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
कोटा में 20 फ़ीसदी का इजाफा
वहीं, कमर्शियल गैस को लेकर लोगों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने सप्लाई कोटा 20% बढ़ा दिया है, जिससे होटल, कैंटीन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब 70% तक गैस सप्लाई मिल सकेगी।
गौरतलब है कि, केंद्र के निर्देश पर राज्य की सरकार ने सिलेंडरों की सप्लाई में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की बात कही थी। किसी भी तरह के संभावित संकट को देखते हुए और सरकार के एस्मा कानून के अनुरूप व्यवसायिक संस्थानों के लिए 50% एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति की बात कही गई थी। चूंकि प्रदेश में रसोई गैस की कोई खास किल्लत नहीं हैं और पर्याप्त भण्डार मौजूद है।
कालाबाजारी, जमाखोरी पर भी नजर
सिलेंडर आपूर्ति के साथ ही प्रशासन ने सख्ती भी बढ़ाई है। सरकार ने जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों पर भी नकेल कसने का दावा किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक़ 25 मार्च तक 335 जगहों पर छापेमारी की गई, 75 मामले दर्ज किए गए, 3841 सिलेंडर जब्त किए गए और 97 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

