भोपाल:- लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा। बजट को लेकर आम जनता, उद्योग जगत और निवेशकों में काफी उत्सुकता देखी गई। लोगों को उम्मीद थी कि टैक्स प्रणाली को और सरल बनाया जाएगा और महंगाई से राहत के उपाय किए जाएंगे। आइए जानते हैं कि मप्र और छत्तीसगढ़ को बजट में क्या क्या मिला है-
इनकम टैक्स में मिडिल क्लास को राहत नहीं
बजट 2026 में मिडिल क्लास को इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी गई। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि आयकर स्लैब पहले की तरह ही रहेंगे। स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। टैक्स में राहत न मिलने से शेयर बाजार पर भी असर दिखा और निफ्टी50 करीब पौने तीन फीसदी गिरकर 25600 के नीचे चला गया।
मध्य प्रदेश के विकास पर नजर
मध्य प्रदेश में पेश बजट को ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण से तैयार बताया गया है। इसमें वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा, ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले शी-मार्ट्स जैसी स्व-सहायता उद्यम योजनाएं शुरू करने की बात कही गई है। हर जिले में छात्रावास, लड़कियों के लिए हॉस्टल और स्कूलों की गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया गया है।
मध्य प्रदेश को केंद्रीय बजट 2025-26 से क्या मिला
केंद्रीय बजट 2025-26 में मध्य प्रदेश को विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग ₹50 हजार करोड़ मिलने का अनुमान था। इस राशि का उपयोग सड़कों, पुलों और औद्योगिक विकास जैसी परियोजनाओं में किया जाना था। केंद्र की योजनाओं से गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदायों को लाभ मिलने की बात कही गई थी।
छत्तीसगढ़ को बजट से उम्मीदें
केंद्रीय बजट 2026-27 के प्रावधानों के आधार पर छत्तीसगढ़ को MSME, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और महिला-आदिवासी सशक्तिकरण के क्षेत्रों में लाभ मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ को केंद्रीय बजट 2025-26 से लाभ
केंद्रीय बजट 2025-26 में छत्तीसगढ़ को इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, महिला एवं ग्रामीण विकास में लाभ मिलने की संभावना जताई गई थी। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की गई। राज्यों को ₹1.5 लाख करोड़ तक का ब्याज-रहित लोन देने की योजना में छत्तीसगढ़ को भी हिस्सा मिलने की बात कही गई।
महंगाई और कैपेक्स पर सरकार का रुख
हालांकि, टैक्स में बदलाव नहीं हुआ, लेकिन सरकार ने संकेत दिए कि पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स पर जोर जारी रहेगा। सरकार का मानना है कि कैपेक्स बढ़ाने से नई नौकरियां पैदा होंगी, अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और लंबे समय में आम लोगों को फायदा पहुंचेगा।
सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
रेलवे क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बड़े शहरों को तेज और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी से जोड़ना है।
टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री ने मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की। इसके साथ ही नेशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर और एडवांस्ड फाइबर को बढ़ावा दिया जाएगा। नेशनल हैंडलूम पॉलिसी के तहत कारीगरों को प्रोत्साहन और तकनीकी सहायता देने की योजना है, जिसमें एकेडमिक संस्थानों की भूमिका अहम होगी।

