नई दिल्ली :- गर्भावस्था का समय हर महिला के लिए अनोखा और कभी ना भूलने वाला अनुभव होता है. हर महिला अपनी गर्भावस्था अवधि का भरपूर आनंद लेती है. लेकिन यह समय जितना सुखद होता है उतना ही जटिल भी होता है. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने साथ-साथ अपने होने वाले बच्चे का भी ध्यान रखना पड़ता है. यह एक ऐसा वक्त होता है जो हर महिला के जीवन में कई बड़े बदलाव लाती है. यह दौर न केवल प्रेग्नेंट महिलाओं की सेहत को प्रभावित करता है बल्कि उनकी हर आदत, खानपान और जीवनशैली का असर बच्चे पर भी पड़ता है. लेकिन क्या गर्भावस्था के दिनों खूबसूरत दिखने के लिए मेकअप जरूरी है? स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उदय भानु राणा ने इस बारे में अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो अपलोड किया है. जिसमें उन्होंने बताया है कि गर्भवती महिला को किन चीजों से परहेज करना चाहिए और बच्चे की सेहत का कैसे ख्याल रखना चाहिए. स्त्री रोग विशेषज्ञ अनुसार, अगर गर्भवती महिला गर्भावस्था कुछ चीजें करती है, तो बच्चे के लिए इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
स्मोकिंग: डॉ. उदय के अनुसार, अगर गर्भवती महिला स्मोकिंग करती है, तो निकोटीन कार्बन मोनोऑक्साइड ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को कम कर सकता है. नतीजतन, बच्चे का वजन कम हो सकता है. साथ ही, इससे समय से पहले जन्म का खतरा भी बढ़ जाता है. साथ ही, तंबाकू उत्पादों से बच्चे के फेफड़ों और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचने की संभावना ज्यादा होती है. स्मोकिंग के कारण महिला को बांझपन का भी सामना करना पड़ सकता है. साथ ही, गर्भवती महिलाओं द्वारा बार-बार स्मोकिंग करने से बच्चे के आईक्यू पर भी असर पड़ता है.
शराब से बचें: गर्भवती महिलाओं द्वारा शराब का सेवन गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को प्रभावित करता है. जिससे शिशु के विकास में बाधा आती है. इस दौरान महिलाओं को शराब से पूरी तरह परहेज करना चाहिए. इससे समय से पहले प्रसव और मृत शिशु के जन्म का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, शराब पीने से शिशु में फेटर अल्कोहल सिंड्रोम विकसित होने की संभावना अधिक होती है. साथ ही, शराब के सेवन से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. जैसे, हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या गर्भावस्था संबंधी कॉम्प्लिकेशन बढ़ सकती हैं.
कैफीन: चाय या कॉफी जैसे बहुत ज्यादा कैफीन का सेवन शिशु के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है. डॉक्टरों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं के लिए दिन में 1 या 2 कप चाय या कॉफी लेना बेहतर होता है. लेकिन रोजाना का सेवन 200 माइक्रोग्राम से कम होना चाहिए.