भोपाल :- मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित सीएम हाउस के मुख्य गेट पर सोमवार, 1 सितंबर 2025 को दुनिया की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया गया।
इस विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का एक मोबाइल ऐप भी लांच किया गया है। जिसमें 189 भाषाओं में आप सभी मुहूर्त देख सकेंगे। इसमें 7 हजार साल पुराना पंचांग भी निकाल सकेंगे। अभी आमजन के लिए घड़ी खरीदने जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि, भविष्य में इस वैदिक घड़ी को शहर के प्रमुख स्थानों पर स्थापित कर सकते हैं। यह घड़ी भारतीय काल गणना पर आधारित है।
उज्जैन में भी एक ऐसी ही वैदिक घड़ी
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बनाने वाले आरोह श्रीवास्तव पेशे से इंजीनियर है। ऐसी ही एक एक वैदिक घड़ी उज्जैन में भी लगाई गई है, जिसका 29 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण किया था। आज के इस लोकार्पण समारोह में सीएम मोहन यादव, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सांसद आलोक शर्मा, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, मेयर मालती राय समेत अन्य मौजूद रहे।
अलग-अलग 30 शुभ मुहूर्त, अलार्म भी
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप में 3179 विक्रम पूर्व से लेकर महाभारतकाल और वर्तमान तक की जानकारी शामिल है। इसमें 7000 से अधिक वर्षों के पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत और त्यौहार की जानकारी शामिल है। धार्मिक कार्य, साधना और व्रत के लिए 30 अलग-अलग शुभ मुहूर्त और अलार्म की सुविधा भी ऐप में शामिल है।
वैदिक घड़ी में और क्या विशेषताएं
वैदिक समय, वर्तमान मुहूर्त स्थान, GMT और IST समय
मौसम संबंधी जानकारी जैसे तापमान, हवा की गति और आर्द्रता.
दैनिक सूर्योदय- सूर्यास्त की गणना के आधार पर हर दिन के 30 मुहूर्त की सटीक जानकारी देता है।
घड़ी में जीएमटी के 24 घंटों को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है।
यह घड़ी सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर समय की गणना करती है
हर घटी का अपना एक धार्मिक नाम और महत्व है।
यह घड़ी मुहूर्त गणना, पंचांग और मौसम की जानकारी भी देती है।
अगले 5800 सालों का पंचांग उपलब्ध
5800 वर्षों तक के लिए पूर्ण विक्रम संवत पंचांग (तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत और त्योहार) उपलब्ध है।
30 मुहूर्तों को देवताओं के अनुसार शुभ या अशुभ का लेबल दिया गया है।
आप हर मुहूर्त के लिए अलार्म सेट कर सकते हैं।
अभी क्या है हमारा मानक समय
– ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में दो समय क्षेत्र थे।
– जिसमें कोलकाता और मुंबई का अलग-अलग थे।
– बाद में पूरे देश के लिए एक मानक समय स्थापित किया गया।
– हमारा आईएसटी (GMT+5.30) ग्रीनविच मीन टाइम से 5.5 घंटे आगे है।
– जीएमटी (ग्रीनविच मीन टाइम) एक वैश्विक मानक है,
– जिसे 1884 में मान्यता मिली थी
– और यह 1972 तक अंतर्राष्ट्रीय सिविल टाइम का मानक बन गया।

