नई दिल्ली:- ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में एक नई उम्मीद ब्राजील के वैज्ञानिकों ने जगाई है. उन्होंने अमेजन के एक दुर्लभ बिच्छू Brotheas amazonicus के जहर में एक खास अणु खोजा है. यह अणु कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने की अद्भुत क्षमता रखता है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह मॉलिक्यूल कैंसर कोशिकाओं पर तो असर करता है, लेकिन शरीर की सामान्य कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचाता.
कैंसर के खिलाफ बिच्छू की शक्ति
University of São Paulo के वैज्ञानिकों ने इस मॉलिक्यूल का नाम BamazScplp1 रखा है. शुरुआती लैब टेस्ट्स में यह अणु ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं को उसी तरह से नष्ट करता पाया गया जैसे कि पारंपरिक कीमोथेरेपी ड्रग Paclitaxel करती है. BamazScplp1 शरीर में मौजूद एक खास प्रकार के एंजाइम ग्रुप Serine Proteases से संबंधित है. जो प्रोटीन को तोड़ने का काम करते हैं और शायद कैंसर कोशिकाओं के जीवनचक्र को भी बाधित करते हैं.
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मॉलिक्यूल कैंसर कोशिकाओं को necrosis की प्रक्रिया के जरिए मारता है, यानी कोशिकाओं का बिना नियंत्रण के फटना. आमतौर पर यह प्रक्रिया शरीर के लिए हानिकारक मानी जाती है, लेकिन कैंसर ट्रीटमेंट में यही प्रक्रिया ट्यूमर खत्म करने में बेहद कारगर हो सकती है.
सीधा बिच्छू से जहर नहीं, वैज्ञानिकों ने निकाला स्मार्ट तरीका
चूंकि बिच्छुओं से जहर निकालना व्यावहारिक नहीं है, इसलिए वैज्ञानिकों ने एक खास बायोटेक्नोलॉजिकल तकनीक Heterologous Expression का उपयोग किया. इस तकनीक के तहत जरूरी जीन को यीस्ट (खमीर) जैसे माइक्रो-ऑर्गेनिज्म में डाला गया, जो फिर उस मॉलिक्यूल को बड़ी मात्रा में तैयार कर सकता है.
प्रोजेक्ट की लीड रिसर्चर प्रोफेसर एलियान अरण्तेस के मुताबिक, उन्होंने Pichia pastoris नामक यीस्ट का प्रयोग किया है, जो बायोटेक उद्योग में काफी उपयोगी साबित हो चुका है. इस तकनीक से अब मॉलिक्यूल को बगैर किसी जानवर को नुकसान पहुंचाए बड़ी मात्रा में तैयार किया जा सकता है.
ब्रेस्ट कैंसर: सबसे खतरनाक और व्यापक कैंसर
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर दुनियाभर में महिलाओं में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है. कैंसर से होने वाली मौतों में इसका दूसरा स्थान है. 2022 में अकेले ब्रेस्ट कैंसर के 2.3 मिलियन नए मामले दर्ज हुए और करीब 6.7 लाख लोगों की मौत हुई. अगर यही रफ्तार जारी रही तो 2050 तक हर साल 3.2 मिलियन नए मामले और 1 मिलियन से ज्यादा मौतें हो सकती हैं.