रायपुर : राजधानी रायपुर में पुलिस का इंटेलिजेंस एक बार फिर फेल साबित हुआ। बुढापारा धरना स्थल पर पहुंचे हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों की पुलिस को कानोकान खबर नही लगी। नतीजा ये हुआ की कानून व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर पुलिस ने लाठियां भांज दी, प्रदर्शनकारियों पर गंभीर आरोप लगा दिए और 9 को गिरफ़्तार कर लिया। जहां एक ओर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार एवं मुख्यमंत्री स्वयं किसान होने से किसानों का विश्वास प्रशासन से मदद मिलने का रहता है,
उसी प्रदेश की राजधानी रायपुर में पुलिस जमीन दलालों को संरक्षण देकर किसानों के साथ अन्याय करती नज़र आ रही है। मामला दर्ज होने के 4 दिन बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहा है, और किसान परेशान होकर थाने के चक्कर काट रहा है। किसान स्वपन कुमार शाहा ने मीडिया से बातचीत पर बताया की पुलिस के इस प्रकार के रवैया से कांग्रेस की सरकार को 2023 के चुनाव में मुंह की खानी पड़ सकती है।
स्वयं को जिले में पदस्थ उच्च अधिकारी का रिश्तेदार बताता है आरोपी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुढियारी थाना में मां–बेटे के खिलाफ दर्ज 50 लाख की धोखाध़डी मामले में पुलिस ने इसलिए अब तक आरोपियों की गिरफ़्तारी नही की क्युकी आरोपी जिले में पदस्थ एक उच्च अधिकारी का रिश्तेदार है। इसके चलते आरोपी खुलेआम ये दावा करते घूम रहा है की पुलिस उसे व उसकी आरोपी माता को छू भी नहीं सकती।
कूटरचित दस्तावेजों की धारा जानबूझकर नहीं लगाया
पुलिस ने किसान की शिकायत पर मामला तो दर्ज किया, परंतु आरोपियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिन जटिल धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी, वो पुलिस ने नही की। वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने बताया की आरोपियों के खिलाफ कूट रचित दस्तावेजों की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए, अगर पुलिस ढील देती है तो बड़ी आसानी से उच्च न्यायालय से आरोपी अग्रिम ज़मानत ले आते है।
अब पुलिस की आरोपी को लाभ पहुंचाने की मंशा समझ से परे है, किसान ने बताया की न्यायालय से शून्य हो चुके बैनामा पंजीयन के सालो बाद भी आरोपी मां–बेटे ने अपने नाम के दस्तावेज बनवाकर झांसे में लेकर किसान से 50 लाख रुपए ठग लिए।
जल्द गिरफ़्तारी नही होने पर करेंगे थाने का घेराव
किसान स्वपन शाहा ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष होकर कार्यवाही करने की मांग करते हुए तत्काल आरोपियों को गिरफ़्तार करने निवेदन किया है, मांग पूरी नहीं होने पर किसानों के साथ मिल थाने का घेराव कर धरना–प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी है।
