रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2023 की वार्षिक परीक्षा में कक्षा 10वीं और 12वीं प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। समारोह में सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को डेढ़-डेढ़ लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समारोह में प्रोत्साहन राशि को मेधावी छात्र-छात्राओं के बैंक खाते आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किया। प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन मुख्यमंत्री निवास में किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मेधावी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद करते हुए पूछा कि हेलीकॉप्टर में बैठने से किसी को डर तो नहीं लगा, सभी बच्चों ने सामूहिक रूप से कहा कि बिल्कुल भी डर नहीं लगा।
मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों की प्रशंसा करते हुए बताया कि प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के रघुनाथपुर में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के निरीक्षण के दौरान नन्हीं बालिका स्मृति कि जिद पर वहां उसके साथ तीन-चार बच्चों को हेलीकॉॅप्टर में घुमाया। इसके बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स को हेलीकॉप्टर जॉय राइडिंग कराने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में कई बच्चों को हवाई जहाज पर चढ़ने का अवसर मिलेगा,

लेकिन सरकार के हेलीकॉप्टर में कुछ गिन-चुने लोगों को ही सफर करने का अवसर मिलता है। पिछले वर्ष 2022 में बोर्ड परीक्षा के टॉपरों को जॉय राइडिंग करायी गई। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा के 78 टॉपर्स के साथ हाई स्कूल और हाई सेकेण्डरी परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति के पांच-पांच टॉपर्स को भी जॉय राइडिंग कराया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ में मेधावी छात्र-छात्राओं को हेलीकॉप्टर जॉय रायडिंग का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री की यह पहल पूरे देश के लिए अनुकरणीय है। डॉ. टेकाम ने कहा कि आप सबके हौसले कम नहीं होने चाहिए। आने वाले समय में और चुनौतियां सामने आएंगी। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जब हम पढ़ते थे तब इतनी सुविधाएं नही थी, जो आप लोगों को मिल रही है। उन्होंने लगन और मेहनत से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि आज सुबह जब मेधावी बच्चे जॉय राइडिंग कर रहे थे तब बच्चों की चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी।
