बलरामपुर:- रामचन्द्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत विशालपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास सत्यापन के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई. हितग्राहियों ने आवास सत्यापन के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया. हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि आवास सत्यापन के नाम पर पंचायत सचिव पैसे मांग रहा है. जिसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने इस मामले में कार्रवाई की है.
पंचायत सचिव पर पैसे मांगने का आरोप: पीएम आवास योजना के अंतर्गत आवास सत्यापन कार्य में हितग्राहियों से 100-100 रुपये मांगे जाने की बात सामने आई. जिसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत स्तरीय तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की. जांच में आवास सत्यापन में पैसे मांगने की शिकायत सही मिली. जिसके बाद पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
जिला पंचायत सीईओ ने किया सचिव को सस्पेंड: जिला पंचायत सीईओ ने पंचायत सचिव बालदेव यादव को सस्पेंड कर दिया है. तत्काल प्रभाव से पंचायत सचिव को निलंबित करने का आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है “बालदेव यादव का यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम-1998 के नियम-03(1)(2)(3) का स्पष्ट उल्लंघन है. पीएम आवास में लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम-4 के तहत कार्रवाई की गई.” जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नयनतारा सिंह तोमर ने बालदेव यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
निलंबन के दौरान बालदेव यादव को जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर कार्यालय में अटैच किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.
बलरामपुर में पीएम आवास योजना: रामचंद्रपुर जनपद पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बलरामपुर जिले में लगभग 50 हजार पीएम आवास स्वीकृत हुए हैं. जिनमें से लगभग 18 हजार पीएम आवास का काम पूरा हो चुका है. बाकी निर्माणाधीन है.