रायपुर : विधायक धरमजीत सिंह ने सदन में स्वास्थ्य मंत्री से बिलासपुर संभाग के जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की उपलब्धता के बारे में, चिकित्सा के पद की स्वीकृति और पदस्थ लोगों के बारे में जानकारी मांगी। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी उपलब्ध करवाई जिसके मुताबिक, विशेषज्ञ डॉक्टर के 292 पद में 102 पद भरे हैं, 190 अभी रिक्त हैं, कुल मिलाकर 443 पदों के विरुद्ध 390 पद भरे हैं। विधायक ने पूछा कि 43 अस्पताल जो डॉक्टर विहीन हैं उन्हें कब तक भरने का प्रयास किया जाएगा।
जवाब में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि 2018 में विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ में 1593 पद स्वीकृत थे जिसके विरुद्ध 132 विशेषज्ञ हमारे पास थे, 2079 अंडर ग्रेडुएट्स थे जिसमे 1180 हमारे पास थे, 112 डेंटिस्ट पदों के विरुद्ध 72 थे। वर्तमान में 1593 पदों के विरुद्ध में 1633 विशेषज्ञ हैं, और 446 कार्यरत हैं। MBBS अंडर ग्रेडुएट्स डॉक्टर में 2175 के विरुद्ध 2181 कार्यरत हैं। बिलासपुर में 30 MBBS डॉक्टर अधिक हैं। मुंगेली में 11 पद रिक्त है, कोरबा में 5 पद रिक्त है, रायगढ़ में 8 पद रिक्त है, जीपीएम में पद से 3 अतिरिक्त हैं और जांजगीर में 4 पदों की वेकेंसी है। बिलासपुर संभाग में 5 विशेषज्ञ अतिरिक्त हैं।
उन्होंने कहा कि पहले 100 प्रतिशत पदोन्नति का प्रावधान था। उतने विशेषज्ञ ही नहीं मेडिकल ऑफिसर के रूप में काम करते थे जिनकी पदोन्नति हो सके तो विशेषज्ञ के पद भरें। कैबिनेट से हमने रहत मांगी थी और 50 पद सीधी भर्ती के मांगे थे जो मिले। आगे ये स्थिति बन रही है कि हमें 100 प्रतिशत राहत मांगनी पड़े। पहले मेडिकल ऑफिसर का 5 से 7 साल में प्रमोशन होता था लेकिन मुख्यमंत्री ने हमें अनुमति दी कि दो साल में उनका प्रमोशन कर विशेषज्ञ के पद भर दें।
धरमलाल कौशिक ने दुर्ग अस्पताल में सामान की खरीदी को लेकर कहा कि GFR में दिया है कि CMHO को अधिकार नहीं है, ये अधिकार आपके संचालक या कमिश्नर को है। तो कब संचालक या कमिश्नर के द्वारा अनुमोदन किया गया ? स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना समय की बात है, उस समय सारे विभाग बंद थे, कोई रिपोर्ट नहीं कर रहा था। धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस अधिकारी ने इसे बनाकर दिया है वो गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ये 600 करोड़ का मामला है और ये उस समय सिर्फ 50 हजार तक खरीदी का नियम है। स्वास्थ्य मंत्रीं ने कहा कि आप जो 600 करोड़ या 800 करोड़ कह रहे हैं वो कोरोना के समय पूरे सामान की खरीदी का है। अकेला दुर्ग अस्पताल कैसे 500 करोड़ की खरीदी कैसे कर सकता है। आपको जो भी जानकारी चाहिए वो मैं उपलब्ध करवा दूंगा। प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने स्थगन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों का मुद्दा उठाया।
अनुकंपा नियुक्ति को लेकर धरने पर बैठी महिलाओं के द्वारा मुंडन का भी मुद्दा भी सदन में गूंजा। सफाई कर्मचारियों के मांगों पर भी विपक्ष ने स्थगन पर चर्चा की मांग की। पूर्व सीएम रमन सिंह ने सदन में कहा – 5 लाख 80 हजार विभिन्न कर्मचारी धरने पर बैठे हैं।
