इटावा:- थाना क्षेत्र के एक गांव से सामने आए दहेज उत्पीड़न के गंभीर मामले ने एक बार फिर समाज में जड़ जमाए दहेज दानव की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है. विवाहिता की तहरीर पर पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़िता नूतन यादव के अनुसार, उसका विवाह 5 दिसंबर 2023 को हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था. शादी में उसके परिजनों ने अपनी हैसियत से कहीं अधिक खर्च कर नकदी, आभूषण और घरेलू सामान दिया था, ताकि बेटी का घर बस सके. लेकिन आरोप है कि विवाह के कुछ ही दिनों बाद ससुराल वालों ने अतिरिक्त दहेज के रूप में 40 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी. मांग पूरी न होने पर पीड़िता को तानों, गालियों और धमकियों के साथ मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा.
पीड़िता का कहना है कि बात यहीं नहीं रुकी. दहेज की मांग को लेकर उसके साथ कई बार मारपीट की गई, जिससे वह शारीरिक और मानसिक रूप से टूटती चली गई. हालात बिगड़ते देख उसके मायके पक्ष ने रिश्ते बचाने के लिए समझौते के प्रयास किए और अतिरिक्त घरेलू सामान भी दिया, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला. आरोप है कि मारपीट के दौरान उसके गहने और अन्य कीमती सामान भी छीन लिए गए.
पीड़िता के अनुसार अंततः उसे घर से निकाल दिया गया. मायके पहुंचने के बाद भी उत्पीड़न का सिलसिला थमा नहीं. आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने वहां पहुंचकर उसे धमकाया और मारपीट की, जिससे वह और भयभीत हो गई. इसके बाद उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया.
पुलिस का कहना है कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की विवेचना की जा रही है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह मामला न केवल कानून के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी कितनी जिंदगियां तबाह कर रही है.

