दुर्ग : चैत्र नवरात्र की आज नवमी तिथि है। देश भर में देवी स्वरूपा कन्याओं को भोजन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल परंपरा और आध्यात्म से जुड़े राजनेता है। नवरात्र के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई स्थित आवास में कन्याओं को भोज कराया। परिवारजनों केसाथ उन्होंने खुद ही कन्याओं को खाना परोसा। मुख्यमंत्री कन्या भोज से जुड़ी तस्वीर ट्वीट कर लिखा है.. इससे पहले मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को रामनवमी की बधाई और शुभकामनाएं दी थी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था प्रभु राम की कृपा हम सब पर बनी रहे। सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली हो।
शक्ति स्वरूपा देवी माँ का पूजन और कन्या भोज.#नवरात्रि pic.twitter.com/NO7PmPovE3
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 30, 2023
चैत्र नवरात्र क्यों होता है खास
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू नववर्ष शुरु होता है। नवरात्र के दौरान सूर्य का राशि परिवर्तन होता है। सूर्य 12 राशियों में भ्रमण पूरा करते हैं और फिर से अगला चक्र पूरा करने के लिए पहली राशि मेष में प्रवेश करते हैं। सूर्य और मंगल की राशि मेष दोनों ही अग्नि तत्व वाले हैं इसलिए इनके संयोग से गर्मी की शुरुआत होती है। चैत्र नवरात्र से नववर्ष के पंचांग की गणना शुरू होती है। इसी दिन से वर्ष के राजा, मंत्री, सेनापति, वर्षा, कृषि के स्वामी ग्रह का निर्धारण होता है और वर्ष में अन्न, धन, व्यापार और सुख शांति का आंकलन किया जाता है।
नवरात्र में देवी और नवग्रहों की पूजा का कारण यह भी है कि ग्रहों की स्थिति पूरे वर्ष अनुकूल रहे और जीवन में खुशहाली बनी रहे। धार्मिक दृष्टि से नवरात्र का अपना अलग ही महत्व है क्योंकि इस समय आदिशक्ति जिन्होंने इस पूरी सृष्टि को अपनी माया से ढ़का हुआ है जिनकी शक्ति से सृष्टि का संचलन हो रहा है जो भोग और मोक्ष देने वाली देवी हैं वह पृथ्वी पर होती है इसलिए इनकी पूजा और आराधना से इच्छित फल की प्राप्ति अन्य दिनों की अपेक्षा जल्दी होती है। जहां तक बात है चैत्र नवरात्र की तो धार्मिक दृष्टि से इसका खास महत्व है क्योंकि चैत्र नवरात्र के पहले दिन आदिशक्ति प्रकट हुई थी और देवी के कहने पर ब्रह्मा जी को सृष्टि निर्माण का काम शुरु किया था।
