पश्चिम एशिया में चल रहे लड़ाई (जिसमें ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं) के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली आपूर्ति में रुकावटों के चलते, भारत को LPG और कच्चे तेल के संबंध में एक बड़े संकट का सामना करना पड़ रहा है. इससे घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी और घरों के रसोई बजट में बढ़ोतरी की आशंकाएं बढ़ गई हैं. कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल देखा जा रहा है, जहां लोग गैस सिलेंडरों के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं, और होटलों तथा रेस्तरांओं के कामकाज पर भी इसका बुरा असर पड़ा है. इसे देखते हुए, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि यह युद्ध लंबे समय तक जारी रहता है, तो गैस की कमी और भी गंभीर हो सकती है, इसलिए, हमें गैस के बचाव की आदत अपनानी चाहिए और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना भी बेहद महत्वपूर्ण है.
इसे ध्यान में रखते हुए, खाना पकाने वाली गैस बचाने के लिए कुछ सुझाव यहां दिए गए हैं, जो इस प्रकार हैं…
खाना बनाते समय बर्तन को ढक्कन से ढककर रखें. प्रेशर कुकर में खाना बनाने से गैस की बचत होती है.
बर्नर के छेदों को नियमित रूप से साफ करते रहें, ताकि वे बंद न हों.
फ्रिज से खाना निकालने के तुरंत बाद उसे गर्म करने से गैस की खपत बढ़ जाती है. इसलिए, उसे थोड़ी देर बाहर रखा रहने दें और जब वह कमरे के तापमान पर आ जाए, तभी उसे गर्म करें.
दाल पकाने से आधा घंटा पहले उसे पानी में भिगोकर रख दें, क्योंकि इसे पकने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है. इससे खाना पकाने की प्रक्रिया आसान हो जाती है और कुकिंग गैस की भी बचत होती है.
गीले बर्तनों को गर्म होने में ज्यादा समय लगता है, इसलिए, खाना पकाने के लिए सूखे बर्तनों का इस्तेमाल करें.
खाना पकाने के लिए जरूरी सभी सामग्री पहले से ही तैयार कर लें, जैसे कि सब्जियां काटना और सभी चीजों को अपने पास रखना आदि, क्योंकि इससे खाना पकाने में लगने वाला समय कम हो जाता है, जिससे गैस और समय, दोनों की बचत होती है.
गैस के कई ऑप्शन भी मौजूद हैं, जैसे कि
गैस स्टोव के ऑप्शन के तौर पर अब मॉडर्न इंडक्शन स्टोव और इलेक्ट्रिक कुकर उपलब्ध हैं. इनकी मदद से आप सुरक्षित रूप से और कम लागत में खाना बना सकते हैं.
इसके अलावा, सोलर एनर्जी, बायोगैस और लकड़ी से जलने वाले पारंपरिक चूल्हों का भी उपयोग किया जा सकता है.
बायोगैस प्लांट पशुओं के अपशिष्ट से गैस बनाते हैं, जिससे घरों, कृषि और उद्योगों की ऊर्जा संबंधी जरूरतें पूरी की जा सकती हैं.
इंडक्शन स्टोव: बिजली से चलता है. खाना जल्दी पकता है. गैस स्टोव से सस्ता है.
सोलर कुकर: आप बिना किसी लागत के सूर्य की रोशनी का उपयोग करके खाना बना सकते हैं.
इलेक्ट्रिक कुकर या हॉट प्लेट: इसमें चावल और करी जैसी चीजें आसानी से पकाई जा सकती हैं.
इंफ्रारेड स्टोव: यह बिजली से चलता है. आप इसे किसी भी बर्तन में पका सकते हैं.
हालांकि इंडक्शन कुकटॉप काफी समय से बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल अब तक सीमित ही रहा है. घरों में इनका उपयोग बहुत कम होता है. खुली आग या पारंपरिक चूल्हों पर लगी पाबंदियों के चलते, इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल आमतौर पर कुछ खास जगहों और मेट्रो शहरों में ही ज्यादा होता रहा है. लेकिन LPG गैस की कमी के कारण अब यह चलन छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से फैल रहा है. आजकल लोग LPG के विकल्प के तौर पर इंडक्शन कुकटॉप बड़े पैमाने पर खरीद रहे हैं.

