नई दिल्ली :- भारत की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने भारत में इंटरनेट यूज़र्स के लिए एक और चेतावनी जारी की है. यह एडवाइजरी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) द्वारा जारी की गई है. इस चेतावनी में Google Chrome डेस्कटॉप यूज़र्स को कई सिक्योरिटी कमज़ोरियों के बारे में चेतावनी दी गई है, जिनसे सिस्टम रिमोट अटैक के लिए एक्सपोज़ हो सकते हैं.
बता दें कि यह अलर्ट, 20 फरवरी, 2026 को एडवाइजरी
CIVN-2026-0096 के तहत पब्लिश किया गया. एडवाइजरी में ऐसी कमियों की ओर इशारा किया गया है, जो इतनी गंभीर हो सकती हैं, कि सिर्फ़ गलत वेबपेज खोलने से कंप्यूटर खतरे में पड़ सकता है. CERT-In का कहना है कि अटैकर दूर से ही गलत कोड चला सकते हैं, और अगर ब्राउज़र पुराना रहता है तो वे प्रभावित मशीनों पर कंट्रोल पा सकते हैं.
किसे ध्यान देने की ज़रूरत
एडवाइजरी में बताया गया है कि Windows और macOS के वे यूज़र्स जो Google Chrome के 145.0.7632.109/110 से पुराने वर्जन चला रहे हैं, वे वल्नरेबल रेंज में आते हैं, जबकि Linux सिस्टम में जो यूजर्स 144.0.7559.109 से पहले के वर्जन चला रहे हैं, वे भी इसस खतरे से प्रभावित हो सकते हैं.
आसान शब्दों में कहें तो, यह सिर्फ़ टेक प्रोफ़ेशनल्स या एंटरप्राइज़ एनवायरनमेंट तक ही सीमित नहीं है. Google Chrome का इस्तेमाल करके डेस्कटॉप या लैपटॉप पर वेब ब्राउज़ करने वाला कोई भी व्यक्ति, अगर अपडेट इंस्टॉल नहीं किया गया है, तो इस खतरे के संपर्क में आ सकता है. इसमें स्टूडेंट्स, ऑफ़िस यूज़र्स, फ्रीलांसर और रोज़ाना के काम के लिए Chrome पर निर्भर रहने वाले ऑर्गनाइज़ेशन भी शामिल हैं.

