लंबे समय तक पेशाब रोकना है खतरनाक, बांझपन के साथ-साथ दिल को भी हो सकता है नुकसान
नई दिल्ली :- अनजाने में हम जो छोटी-छोटी गलतियां करते हैं, वो हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं. पर्याप्त पानी न पीना एक ऐसी गलती है जो हर कोई करता है. इसके साथ ही एक और गलती जो हम करते हैं वो है पेशाब रोकना. कई लोग किसी वजह से या फिर पेशाब से ऊब जाने की वजह से पेशाब रोक लेते हैं. कई बार पेशाब रोकना अच्छा होता है, लेकिन बार-बार ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. इस आदत से न सिर्फ किडनी की समस्या होती है बल्कि दिल को भी खतरा होता है. एक और अहम बात ये है कि लंबे समय तक पेशाब रोके रखने से प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है.
किडनी और दिल को खतरा:
पेशाब करना एक नेचुरल प्रोसेस है. हमारे शरीर की सारी गंदगी पेशाब के जरिए बाहर निकल जाती है. लंबे समय तक पेशाब रोके रखने से शुरुआत में किडनी पर असर पड़ता है. हेल्थ कोच प्रियंका मेहता के अनुसार, यह दिल के लिए भी खतरनाक हो सकता है और धीरे-धीरे दिमाग पर भी असर डालता है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि इससे प्रजनन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं, जिसके परिणामस्वरूप आप बांझपन का शिकार हो सकते हैं. पेशाब रोकने से किडनी से जुड़ी बीमारियां होती हैं. लेकिन, आप में से ज्यादातर लोगों ने सोचा होगा कि दिमाग और दिल के बीच क्या कनेक्शन है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
मूत्र में 9 फीसदी पानी:
हमारे मूत्र में 95 फीसदी पानी और 2 फीसदी यूरिया होता है, जबकि बाकी कैल्शियम, सोडियम और पोटैशियम होता है. अगर आप लंबे समय तक अपना मूत्र रोक कर रखते हैं, तो मूत्र में मौजूद सारा यूरिया और कैल्शियम क्रिस्टल में बदल जाता है और वे किडनी में रह जाते हैं. किडनी लगातार खून को छानती रहती है. लेकिन पेशाब रोक कर रखने से यह काम प्रभावित होता है और खून छानने की प्रक्रिया कम हो जाती है.
पेरेंटिंग से जुड़ी समस्याएं:
लंबे समय तक पेशाब रोकने से प्रजनन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मूत्राशय में पेशाब बनता है और पेशाब के दौरान खाली हो जाता है. हालांकि, लंबे समय तक पेशाब रोकने से पेक्विन नर्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इससे प्रजनन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. इतना ही नहीं, इससे न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी हो सकती हैं.