रायपुर : शिक्षक प्रमोशन पर 9 मार्च को हाईकोर्ट का फैसला आयेगा। 9 मार्च को शिक्षक प्रमोशन को लेकर हाईकोर्ट की बेंच अपना फैसला सुनायेगा। दरअसल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी 10 मार्च को रिटायर हो रहे हैं। परंपरा रही है कि रिटायरमेंट के पहले जज अपने तमाम पेंडिंग केस का फैसला दे देते हैं। शिक्षक प्रमोशन से जुड़ी याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस की बेंच में हुई थी। 8 मार्च को होली की छुट्टी है, लिहाजा उसके अगले दिन 9 मार्च को शिक्षक प्रमोशन पर फैसला सुनाया जायेगा। फैसले को लेकर केस की लिस्टिंग हो गयी है।

पिछले दिनों ही सहायक शिक्षक फेडरेशन के जांजगीर जिलाध्यक्ष रविंद्र राठौर, प्रांतीय प्रवक्ता राजेश्वर लोनिया, विकास कायरवार, अश्वनी कुर्रे की अगुवाई में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल ने अलग-अलग अधिवक्ताओं से मुलाकात की थी। रविंद्र राठौर ने बताया कि उन्हें पहले ही आश्वासन मिला था कि 10 मार्च के पहले सहायक शिक्षकों व शिक्षकों से जुड़े प्रमोशन के मसले पर फैसला आ जायेगा। दिसंबर 2021 से ही शिक्षकों के प्रमोशन का मामला हाईकोर्ट में चल रहा था। करीब 1 साल बाद 3 दिसंबर को सुनवाई पूरी हुई थी। ऐसे में अब फैसले का इंतजार हर शिक्षक कर रहा है।

इससे पहले दिसंबर में ही हाईकोर्ट में पदोन्नति में लगा स्टे पर सुनवाई पूरी हो चुकी थी। सुनवाई के बाद निर्णय को सुरक्षित रख लिया गया था। पिछले एक वर्ष से पदोन्नति का मामला हाईकोर्ट में चल रहा था। प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नजर हाईकोर्ट पर थी। आपको बता दें कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत यूडीटी और मिडिल प्रधान पाठक के पदों में पदोन्नति पर स्टे लगा हुआ था। हाईकोर्ट के फैसले के इंतजार में प्रमोशन बाधित था। इससे पहले 1 दिसंबर और 3 दिसम्बर को सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
