रांची:- साइबर क्राइम से निपटने के लिए जहां कई एजेंसियां पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही हैं, वहीं साइबर अपराधी हर दिन नई-नई तरकीबों से लोगों को ठगने में कामयाब हो रहे हैं. साइबर क्रिमिनल्स का नया तरीका आठवें वेतन आयोग से जुड़ा है, और इसे लेकर अलर्ट जारी किया गया है.
क्या है मामला?
सरकारी कर्मचारियों, खासकर केंद्र सरकार में काम करने वालों को आजकल आठवें वेतन आयोग से जुड़े मैसेज उनके मोबाइल फोन पर मिल रहे हैं. मैसेज में 8वें वेतन आयोग का सैलरी कैलकुलेटर और एक एपीके फाइल का लिंक होता है. साइबर क्रिमिनल्स यह लिंक भेजकर लोगों को बताते हैं कि आठवां वेतन आयोग लागू होने के बाद उनकी सैलरी कितनी होगी, या यह जानने के लिए एपीके फाइल डाउनलोड करने को कहते हैं.
जैसे ही कोई एपीके फाइल इंस्टॉल करता है, साइबर क्रिमिनल्स उनके मोबाइल फोन का एक्सेस पा लेते हैं. फिर साइबर क्रिमिनल्स अकाउंट को मोबाइल फोन से लिंक करके पैसे उड़ा लेते हैं. इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने इस मामले में सभी राज्यों को अलर्ट भेजा है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने बताया है कि सरकारी कर्मचारियों को वाट्सएप मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिनमें आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सैलरी बढ़ाने का दावा किया जा रहा है.
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने लोगों से एपीके फाइल वाले लिंक पर क्लिक न करने की अपील की है. झारखंड के कई शहरों में मोबाइल फोन पर भी ऐसे लिंक आए हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे साइबर हेल्पलाइन और नजदीकी पुलिस स्टेशन को मामले की जानकारी दें. जिस नंबर से WhatsApp मैसेज आ रहे हैं, उसे ब्लॉक करें और इसकी रिपोर्ट करें.
एडवाइजरी जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए, इंडियन साइबर क्राइम नेशनल सेंटर ने साइबर क्रिमिनल्स के इस नए तरीके के बारे में सोशल मीडिया पर अलर्ट जारी किया है. अलर्ट में कहा गया है कि यह एक बड़ा स्कैम है.
अपराधी कैसे करते हैं स्कैम
सरकारी कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सैलरी बढ़ाने का दावा करते हुए एक वाट्सएप मैसेज भेजा जाता है. मैसेज में आपसे एक एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है. एपीके फाइल इंस्टॉल होने के बाद, साइबर क्रिमिनल्स आपके मोबाइल फोन का एक्सेस पा लेते हैं, जिससे वे आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं.
कैसे करें बचाव
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने कहा है कि सरकार कभी भी वाट्सएप पर एपीके फाइलें नहीं भेजती है. कृपया यह याद रखें.
किसी भी अनवेरिफाइड सोर्स से एपीके फाइलें डाउनलोड करना हमेशा खतरनाक होता है.
सैलरी, पेंशन और पे कमीशन के बारे में जानकारी सिर्फ ऑफिशियल सरकारी वेबसाइट पर ही दी जाती है.
हर एपीके फाइल होती है खतरनाक
झारखंड के साइबर एक्सपर्ट राहुल कुमार ने बताया कि अनवेरिफाइड सोर्स से भेजी गई कोई भी एपीके फाइल खतरनाक होती है. साइबर अपराधी हमेशा फर्जी ऐप्स और खतरनाक एपीके फाइलों का फायदा उठाते हैं. आपको हमेशा ऑथराइज्ड ऐप स्टोर से ही एपीके फाइलें डाउनलोड करनी चाहिए. साइबर अपराधी अपने शिकार को एसएमएस या फॉरवर्ड लिंक के जरिए एपीके फाइलें भेजते हैं, और फिर उन्हें क्लिक करने के लिए लुभाने के लिए कई तरह के लुभावने मैसेज का इस्तेमाल करते हैं.

