नई दिल्ली: घरेलू कमोडिटी बाजार में शुक्रवार का दिन निवेशकों के लिए मिला-जुला रहा. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर जहां सोने की कीमतों में मामूली सुधार देखा गया, वहीं चांदी के दाम ताश के पत्तों की तरह बिखर गए. सुबह के सत्र में चांदी की कीमतों में अचानक आई गिरावट ने बाजार को चौंका दिया.
चांदी में ‘ब्लैक फ्राइडे’ जैसी गिरावट
शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे चांदी के दाम ₹5,485 प्रति किलो तक टूट गए. इस गिरावट के बाद चांदी ₹2,40,967 प्रति किलो के भाव पर आ गई. आपको बता दें कि पिछले हफ्ते शुक्रवार को ही चांदी ने ₹4,20,048 का अपना ऑल-टाइम हाई छुआ था, जिससे तुलना करें तो चांदी अब तक करीब ₹1,73,500 सस्ती हो चुकी है.
सोने की चमक बरकरार
चांदी के उलट, सोने के निवेशकों के लिए राहत की खबर रही. MCX पर सोना ₹1,53,054 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा. गुरुवार को यह ₹1,52,260 पर बंद हुआ था. हालांकि, सोना भी अपने रिकॉर्ड हाई (₹1,80,779) से लगभग ₹28,500 नीचे चल रहा है, लेकिन पिछले कुछ सत्रों की गिरावट के बाद आज इसमें आई तेजी ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है.
क्यों गिर रहे हैं दाम
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी आना है. अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर दोबारा बातचीत शुरू हो गई है. शुक्रवार को ओमान में होने वाली पहली बैठक ने निवेशकों की चिंता कम कर दी है. युद्ध का खतरा टलने की उम्मीद में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने-चांदी की मांग घटी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है.
डॉलर की मजबूती ने बढ़ाया दबाव
तनाव कम होने की खबरों के बाद निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश विकल्पों से हटकर अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ा है. डॉलर के मजबूत होने से आमतौर पर सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बनता है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब जोखिम घटता है, तो निवेशक सेफ हेवन एसेट्स से दूरी बना लेते हैं.
आगे क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
मार्केट जानकारों का मानना है कि कीमती धातुओं में जो तेज तेजी पहले देखने को मिली थी, वह अब अपने ऊपरी स्तर पर पहुंच चुकी है. आने वाले दिनों में कीमतों में और नरमी आ सकती है और सोना-चांदी धीरे-धीरे अपने वाजिब या फेयर वैल्यू स्तर की ओर बढ़ सकते हैं. ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.

