नई दिल्ली:- हर साल भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन हर घर में भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है. कहा जाता है कि जो व्यक्ति जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की पूजा करता है, उसके जीवन में सफलता हमेशा बनी रहती है. भगवान कृष्ण का आशीर्वाद उस भक्त पर सदैव बना रहता है.
जन्माष्टमी पर गोपाल और कृष्ण की पूजा के अलावा, यदि आप कुछ विशेष उपायों का पालन करते हैं, तो आपकी किस्मत रातोंरात बदल सकती है. आप भी सुखी और समृद्ध जीवन के स्वामी बन सकते हैं. यह हिंदुओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है. भक्त जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव विभिन्न रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं. इस दिन कृष्ण की नन्हे गोपाल के रूप में पूजा की जाती है।
आपको बता दें, देवकी-नंदन का जन्म भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि 12 बजे हुआ था. इसलिए ज्योतिषी इस समय को अत्यंत शुभ मानते हैं. जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए जन्माष्टमी के दिन मध्यरात्रि 12 बजे कृष्ण अभिषेक करने का विधान है. यदि मध्यरात्रि में ऐसा संभव न हो तो कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को दूध, शहद, घी, गंगाजल, श्वेत चंदन, दही और पुष्प से अभिषेक करना चाहिए.
ज्योतिषाचार्य राहुल डे ने लोगों को जन्माष्टमी पूजा के कुछ नियमों के बारे में बताया, उनका कहना है कि इनका पालन करने से घर में सुख-शांति बनी रहेगी. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, जन्माष्टमी की सुबह एक पान का पत्ता लें, उसमें एक इलायची और एक मिठाई रखें. फिर इसे अपने हाथ में रखें और मन ही मन ‘श्री राधा’ मंत्र का 108 बार जाप करें. साथ ही भगवान कृष्ण से अपनी मनोकामना भी कहें. ऐसा करने से आपकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी. इसके अलावा, इस जन्माष्टमी के दिन दूध में केसर मिलाकर गोपाल का अभिषेक करें. इससे परिवार में सुख-समृद्धि और शांति आएगी. घर से नकारात्मकता दूर होगी और राहु के बुरे प्रभाव दूर होंगे.