रायपुर। छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक रामकुमार सिन्हा के प्रतिनिधित्व में नियमितीकरण, स्थायीकरण किये जाने के मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात किया गया और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के हित में बात रखा गया। इसपर मुख्यमंत्री साय के द्वारा आश्वास्त कराते हुये कहा गया कि नियमितीकरण के बारे में जल्द विचार कर निर्णय लिया जायेगा। कर्मचारियों एवं श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखा गया है।प्रदेश संयोजक सिन्हा ने कहा कि भाजपा शासन काल में दो-दो बार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों एवं श्रमिकों का नियमितीकरण किया गया था, इसलिये इसबार भी भाजपा शासनकाल में नियमितीकरण एवं स्थायीकरण का अपेक्षा करते है। यह भी मांग किया गया कि कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को जिस कमेटी में शमिल किया जायेगा उस समिति में रायगढ़ विधायक ओ. पी. चौधरी को रखे जाने का मांग किया है। ताकि नियमितीकरण एवं स्थायीकरण का रास्ता सहज हो सकें।
सिंहा ने कहा कि, मंत्रालय में बैठे सचिव लोग दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का हित नहीं चाहते है जिसके कारण खाली उमादेवी प्रकरण का रट लगाये रहते है और मामला को पेचिदा कर देते है। जबकी पंजाब, उड़िसा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमितीकरण कर दिया गया है। चाहे उनकी नियुक्ति हो या नियुक्ति न हुआ हों सबको नियमितीकरण का लाभ दिया गया है।
क्या है दो सूत्रिय मांग
सिंहा ने कहा कि, फेडरेशन दो सूत्रिय मांगों को लेकर निरंतर लड़ाई लड़ते हुऐ आ रहा है, पहला 08 से 10 वर्ष सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी/श्रमिकों का नियमितीकरण किया जावें। दूसरा येसे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी/श्रमिक जो 02 वर्ष सेवा पूर्ण कर चुके है उसे स्थायीकर्मी बनाकर स्थायीकरण किया जावें। उक्त दोनों मांगो को लेकर प्रदेश संयोजक सिन्हा हमेशा 50,000 दैनिक वेतन भोगियों कर्मचारियो एवं श्रमिकों के हित में कार्य करते हुये आ रहा है। प्रदेश संयोजक हमेंशा समस्त विभागों में कार्य करनें वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के हितों को लेकर चिंता करते रहते है।

