रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज पूर्व सांसद सोहन पोटाई को श्रद्धांजलि देने के साथ ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई. इस दौरान सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के सदस्यों ने सोहन पोटाई के कार्यों को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा. दिवंगत पोटाई के सम्मान में सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिये स्थगित की गई.
इसके पहले मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि सोहन पोटाई के साथ राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में बहुत काम किया है. भाजपा से 4 बार सांसद रहे. क्षेत्र की विकास के लिए अपनी बात रखते थे. बस्तर के विकास के लिए चिंतित रहते थे. समाज के उत्थान के लिए प्रयासरत रहते थे. उनके जाने से अपूरणीय क्षति हुई है.
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि सोहन पोटाई लोकसभा के महत्वपूर्ण कमेटियों के मेंबर थे. बस्तर के मुखर आवाज के रूप में जाने जाते थे. वो आदिवासी और आम जनता की पीड़ा के प्रतिबिंब बनकर सदन में बात रखते थे. बस्तर के लोगों की आवाज सड़क में उठाते रहे. उनके जैसा जुझारू नेता मिलना मुश्किल है.
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सोहन पोटाई बस्तर के बुलंद आवाज थे. मेरे पारिवारिक सदस्य थे. बलिराम कश्यप के बाद बस्तर में वे दिग्गज आदिवासी नेता थे. आज वे हमारे बीच नहीं हैं. उनकी कमी हमें हमेशा खलेगी. आदिवासी मुद्दों पर वे हमेशा मुखर रहे.
