छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन जमकर हंगामा हुआ। सीएम भूपेश विपक्ष पर जमकर हमलावर हुए। उन्होंने कहा कि ये लोग (बीजेपी) बस्तर में हुई हत्या पर राजनीति करना चाहते हैं। नक्सली शांत हैं तो इन्हें बर्दाश्त नहीं है। झीरम घाटी का असली दोषी कौन है ये जनता जानती है और जब हम जांच के लिए आगे बढ़ते हैं तो ये कोर्ट चले जाते हैं।
सीएम ने आगे कहा कि – ये बोलते हैं कि कौशल्या मंदिर हमने बनवाया है। 15 सालों तक रमन सिंह मंदिर झाँकने तक नहीं गए। ये ठीक से हनुमान चालीसा नहीं पढ़ पाते। विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लगाया था जिसे रद्द कर दिया गया। सीएम ने कहा कि अनुपूरक बजट जिस दिन आता है, उस दिन स्थगन नहीं लगता, क्या इन्हें पता नहीं। जो मुद्दा ये उठा रहे हैं, ये टिकने वाला नहीं है। ये घड़ियाली आंसू बहाने वाले लोग हैं।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। संबोधन के दौरान शोरगुल मचाते हुए विपक्षी सदस्यों ने गर्भगृह में उतरकर रघुपति राघव राजा राम भजन गाना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सट्टा की बात ये लोग कह रहे थे। महादेव एप के ख़िलाफ़ पूरे देश में कार्रवाई सिर्फ़ छत्तीसगढ़ में हुई।
जब देखा कि यहाँ कार्रवाई हो रही है तब ये लोग दिल्ली भागे। ईडी से जाँच शुरू करवाई। जाँच शुरू हुई तो पता चला कि मध्यप्रदेश के नेताओं के नाम सामने आये। छत्तीसगढ़ ने नशा रोकने क़ानून बनाया। ED में बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं के नाम है, हम चोरों से डरने वाले नहीं हैं, जांच करना है तो करो हम डरने वाले नहीं है। हंगामे के बीच विधानसभा कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
