रायपुर। Chaitra Navratri Vrat 2023 : नवरात्रि का पर्व पूरे देश में बेहद जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि के समय साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कई लोग पूरे नौ दिनों का व्रत रखते हैं। शास्त्रों में व्रत को पूरा करने के लिए कुछ विशेष नियम बताएं गए हैं जिनका पालन कर व्रत को सफलता पूर्वक पूरा किया जाता है।
नौ दिनों तक लगातार व्रत कर पाना संभव नहीं है। ज्यादातर लोगों को नवरात्र के समय काम या यात्रा पर जाना पड़ सकता है। ऐसे में उन लोगों के लिए नौ दिनों का उपवास रख पाना बहुत मुश्किल काम हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसे लोग अपने क्षमता और इच्छाशक्ति के अनुसार सप्तरात्र, एकभुक्त, नक्तव्रत, त्रिरात्र व्रत कर सकते हैं।
1. सप्तरात्र व्रत प्रतिपदा यानी नवरात्र के पहले दिन से लेकर सप्तमी तक रखा जाता है। इस प्रकार का व्रत करने से सम्पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
2. जो लोग नौ दिनों का व्रत नहीं कर सकते वह एकभुक्त व्रत कर सकते हैं। व्रत के इस प्रकार में केवल पंचमी को एक बार भोजन किया जाता है।
3. त्रिरात्र व्रत के दौरान सप्तमी, अष्टमी और नवमी को व्रत किया जाता है।
4. युग्मरात्र व्रत के दौरान प्रतिपदा और अष्टमी को व्रत रखा जाता है। वहीं आरंभ और समाप्ति का व्रत रखने वाले को एकरात्र व्रत कहा जाता है।
5. षष्ठी को नक्तव्रत यानि रात्रि भोजन के साथ व्रत और सप्तमी को अयानित व्रत करते हैं। यानि व्यक्ति को।बिना मांगे जो कुछ भी मिले उसजे सेवन कर लेना चाहिए।
