सरगुजा : ऐसे तो अपराधियों की बातों को पुलिस कभी मानती नही और वो भी तब जब अपराधी ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया हो, लेकिन छत्तीसगढ़ के सरगुजा में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां हत्या के फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस के सामने जेल जाने से पहले मतदान करने की इच्छा बता दी। असमंजस में पड़ी पुलिस ने इसकी जानकारी एसपी को दी, जिसके बाद पुलिस कप्तान के निर्देश पर आरोपी को पुलिस कस्टडी में मतदान कराने के बाद जेल दाखिल किया गया।
छत्तीसगढ़ में 17 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान संपन्न हो गया। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। मतदान को लेकर ही एक मामला सरगुजा से सामने आया है। यहां अंबिकापुर जिले के बतौली थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक हत्या की वारदात हुई थी। ग्राम अरगोती निवासी बनवासो बाई ने थाने पहुंचकर अपने दामाद सोमार साय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। उसने बताया था कि उसकी बेटी कांती और दामाद 14 नवंबर को नहर में कपड़ा धोने और नहाने के लिए गये हुए थे।
वहां दोनों के बीच घरेलू बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि सोमार साय ने अपनी पत्नी के सिर पर पत्थर से हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया था। लहुलूहान हालत में कांती को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। उधर घटना के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था। हत्या की जानकारी के बाद पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर फरार सोमार साय की तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि 17 नवंबर को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस गिरफ्त में आने के बाद आरोपी ने कोर्ट में पेश करने से पहले मतदान करने की इच्छा पुलिस अधिकारियों के सामने रख दी।जिसके बाद प्रशिक्षु डीएसपी शुभम तिवारी ने एसपी सुनील शर्मा को मामले की जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर बतौली पुलिस आरोपी को प्राथमिक शाला कदनई मैनपाट मतदान केंद्र लेकर पहुंची और मतदान कराया गया। बताया जा रहा है कि मतदान केंद्र में भीड़ होने के कारण आरोपी को मतदान कराने में वक्त लग गया,जिससे उसे कोर्ट में पेश नही किया जा सका। लिहाजा आज शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया है।

