कोंडागांव : छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में वन भूमि सीमांकन के दौरान दो गांवों के बीच हिंसक विवाद हो गया। शामपुर और फूंका गिरोला गांव के ग्रामीण आपस में भिड़ गए, जिसमें 12 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। विवाद के बीच पुलिस और वन विभाग की टीम मौजूद थी, लेकिन झगड़ा रोकने में नाकाम रही।
विवाद कैसे शुरू हुआ
कोण्डागांव सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम शामपुर और फूंका गिरोला के बीच वन भूमि सीमांकन को लेकर लंबे समय से तनाव चला आ रहा है। सोमवार को जब वन विभाग की टीम पुलिस बल के साथ सीमांकन करने पहुंची, तो दोनों गांवों के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। जंगल की जमीन को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर बाद मारपीट में बदल गई।
महिलाओं समेत कई घायल
झगड़े में फूंका गिरोला गांव के ग्रामीणों ने शामपुर गांव के लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें 12 से अधिक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण की आंख के पास गंभीर चोट आई है, जिसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।घायलों को तुरंत जिला अस्पताल कोण्डागांव ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में अब भी घायलों के पहुँचने का सिलसिला जारी है।
शामपुर गांव के ग्रामीणों का आरोप
शामपुर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि फूंका गिरोला के लोग जंगल को बर्बाद कर रहे हैं और अवैध तरीके से पेड़ काटकर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जब सीमांकन की प्रक्रिया शुरू हुई, तो उन्होंने विरोध किया, जिसके बाद फूंका गिरोला गांव के लोग हमला करने लगे।
मौके पर प्रशासन और पुलिस की मौजूद
गीगौर करने वाली बात यह है कि विवाद के समय वन विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर मौजूद थे, बावजूद इसके झगड़े को रोका नहीं जा सका। अचानक हुए हमले से स्थिति बेकाबू हो गई। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया और हालात पर काबू पाया गया।
थाने में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण
घटना के बाद शामपुर गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में सिटी कोतवाली थाना पहुँच गए और फूंका गिरोला गांव के लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों गांवों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।