बलरामपुर : उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने छत्तीसगढ़ सरकार पर तल्ख टिप्पणी करते हुए राजनीति गरमा दी है। परिवर्तन यात्री में शामिल होने पहुंचे मौर्या ने सत्ताधारी कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कह दिया कि कांग्रेस का चरित्र “ट्रिपल-C” मतलब कमीशन, करप्शन और क्राइम वाला है। डिप्टी सीएम यहीं नही रूके उन्होने प्रदेश में चल रही ईडी-आईटी कार्रवाई पर बयान देते हुए कह दिया कि प्रदेश में सभी भ्रष्टाचारियों के यहां छापे पड़ रहे है, जिससे अब वो बिलबिला रहे है। यूपी के डिप्टी सीएम के इस तल्ख बयानबाजी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गयी है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सियासी बिसात बिछ चुका है। राजनीतिक दल और राजनेता चुनाव के दिन जैसे-जैसे करीब आते जा हरे है, उनकी जुबान भी तल्ख होती जा रही है। कुछ ऐसा ही तल्ख बयान यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने बलरामपुर जिला में दिया है। दरअसल छत्तीसगढ़ में बीजेपी की परिवर्तन यात्रा चल रहा है। इस परिवर्तन यात्रा के दौरान बलरामपुर के राजपुर में बीजेपी की जनसभा आयोजित की गयी थी। इस जनसभा में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या शामिल हुए। उन्होने जनसभा के मंच से जनता को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला।
मौर्या ने आरोप लगाया कि कोयला खदान से 40-40 करोड़ का कमीशन लिया गया, गोबर खरीदी के नाम पर गोबर घोटाला किया। कांग्रेस की ही समिति बनाकर उनके ही खाते में पैसा भेजने का आरोप लगाया गया। केशव प्रसाद मौर्या यहीं नही रूके उन्होने प्रदेश में चल रहे ईडी और आईटी की रेड पर कहा कि यदि प्रदेश की सरकार अच्छा काम की होती, तो केंद्र की टीम यहां रेड नही करती। लेकिन यहां की सरकार ने भ्रष्टाचार में लिप्त रही, जिस कारण अब यहां के भ्रष्टाचारियों के यहां लगातार छापे पड़ रहे है। जिससे कांग्रेसी बिलबिला रहे है।
डिप्टी सीएम मौर्या ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए चरित्र पर सवाल उठा दिये। उन्होने कहा कि कांग्रेस का चरित्र कमीशन, करप्शन और क्राइम वाला रहा है। ये ट्रिपल सी वाले हैं। इसलिए इन्हें उखाड़ फेंकने का आह्वान करता हूं। खैर चुनावी साल है, तो राजनेताओं के आरोप-प्रत्यारोप के साथ ही तल्ख बयानबाजी भी सामने आ रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम मौर्या ने छत्तीसगढ़ की सत्ताधारी कांग्रेस के चरित्र पर जिस तरह सवाल उठाये है, उससे एक बार फिर सूबे की राजनीति गरमाना तय माना जा रहा है।

