बालोद:- चोर और चोरी से जुड़ी कई कहानियां आपने सुनी होंगी. लेकिन क्या आपने ये भी सुना है कि चोर सुअर चुरा ले जाए, वो भी दबे पांव. जी हां कुछ ऐसा ही हुआ है डौंडीलोहारा थाना इलाके में. यहां बीते दिनों हुई सुअर चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.पुलिस ने मुखबिर की सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घेराबंदी कर दुर्ग जिले के रहने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है.
सुअर चोरी करने वाले गिरोह को पुलिस ने न सिर्फ गिरफ्तार किया बल्कि उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए लग्जरी गाड़ी को भी जब्त कर लिया है. पकड़े गए आरोपी लग्जरी गाड़ी की मदद से सुअर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया करते थे. किसी को शक न हो इसके लिए कीमती गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था. पुलिस ने पकड़े गए चार लोगों को पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.
मामले का खुलासा करते हुए थाना प्रभारी मुकेश सिंह ने बताया, प्रार्थी गेमा नेताम (निवासी अंबेडकर पारा, डौण्डीलोहारा) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 और 23 दिसंबर 2025 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने उनके बाड़े से 15 सुअर चोरी कर लिए हैं. जांच के दौरान पुलिस ने जब स्थानीय दुकानों के फुटेज खंगाले, तो एक सफेद रंग की बोलेरो (CG 07 CL 7274) संदिग्ध हालत में दिखाई दी. फुटेज में आरोपी सुअरों को दौड़ा-दौड़ाकर रस्सी के फंदे से पकड़ते और गाड़ी में भरते नजर आए.
चोरी के पैसों से करते थे ऐश मौज
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल पंकज देशमुख ने पूछताछ में बताया कि वे सभी अपने साथियों के साथ पाटेस्वर धाम घूमने आए थे. रास्ते में डौण्डीलोहारा बाजार चौक पर सुअरों को घूमते देख उन्होंने चोरी की योजना बनाई. आरोपियों ने चोरी किए गए सुअरों को दुर्ग के अटल आवास, मरौदा और उमदा रोड के बाजारों में काटकर बेच दिया. बिक्री से मिली मोटी रकम से आरोपियों ने 32,000 का कीमती मोबाइल फोन खरीदा.

