कांकेर : छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले अब नक्सली भी सक्रिय होते दिख रहे हैं। कांकेर जिले में नक्सलियों ने पर्चा जारी कर पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री को मार भगाने की धमकी दी है। बता दें कि बस्तर में एक बार फिर भाजपा नेता नक्सलियों के निशाने पर आ गए हैं। माओवादियों द्वारा जारी पर्चे में भाजपा नेताओं पर धर्मान्तरण के नाम पर लोगों को आपस मे लड़ाने और क्षेत्र में दंगे भड़काने का आरोप लगाते हुए धमकी दी गई है।
बता दें कि नक्सलियों ने प्रेस रिलीज जारी कर अंतागढ़ के पूर्व भाजपा विधायक भोजराज नाग को आड़े हाथ लिया है। नक्सलियों ने भोजराज नाग को आरएसएस का संयोजक बताते हुए मार भागने की बात कही है। (भाकपा माओवादी) उत्तर बस्तर डिवीजनल कमेटी के सचिव सुखदेव कौड़ो के हवाले से जारी प्रेस नोट में नक्सलियों ने कहा कि भोजराज नाग आदिवासियों के बीच दरार पैदा कर रहे हैं और षड्यंत्र के तहत उन्हें आपस में लड़ा रहे है।
धर्मांतरण के नाम पर भड़काने का आरोप

नक्सलियों ने पूर्व विधायक भोजराज नाग पर धर्मान्तरण के नाम पर स्थानीय लोगों को आपस मे लड़ाने और क्षेत्र में दंगे भड़काने का आरोप लगाया है। पर्चे में उन्हें आरएसएस का एजेंट बताया गया है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया है। नक्सलियों ने भोजराज नाग को जन अदालत में खड़े होने को कहा है। वहीं अंतागढ़ के पूर्व विधायक व मंत्री रह चुके विक्रम उसेंडी को भी जिम्मेदार ठहराया है।
सरकार ने घटाई सुरक्षा
इधर, नक्सलियों के पर्चे पर भोजराज नाग ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारी पहले ही सुरक्षा कैटेगरी घटा दिया है। पहले Z कैटेगरी सुरक्षा मिली थी, जिसे अब Y कर दिया गया है। भोजराज नाग ने कहा कि हम जो काम कर रहे हैं वह ईश्वर का काम है। धर्मांतरण की लड़ाई लड़ना हमारा काम है। हम जिस जाति समुदाय से आते हैं, वह प्रकृति का समुदाय है।
बता दें कि पूर्व विधायक भोजराज नाग जनजाति सुरक्षा मंच के प्रदेश संयोजक हैं और लगातार क्षेत्र में धर्मांतरण होने की बात कहकर प्रदर्शन और आंदोलन करते रहते है। हाल ही में धर्मान्तरित व्यक्तियों के शव दफनाने के मामले में भी भोजराज नाग लगातार सामने आते रहे है।

