रायपुर : छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन से संबद्ध 12 अलग अलग स्वास्थ्य संगठनों के 45 हजार से अधिक कर्मचारी 21 अगस्त यानी सोमवार से हड़ताल पर जा रहे हैं। फेडरेशन का कहना है कि पूरी सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं ठप की जाएंगी। उनका यह भी दावा है कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ी हड़ताल होगी।
बता कि हाल ही में स्टायपंड बढ़ाने के लिए जूडो की हड़ताल हुई थी। हालांकि स्वास्थ्य संगठनों में से एक संघ के महामंत्री अश्विनी गुर्देकर ने एक विज्ञाप्ति जारी कर कहा कि 9 जुलाई को ही सीएम, डिप्टी सीएम के आश्वासन पर बेमुद्दत हड़ताल स्थगित की गई थी। उनके आश्वासन पर भरोसा किया जाना चाहिए l
वहीं डॉ.रीना राजपूत और टार्ज़न गुप्ता ने कहा कि संघ की मांगों पर कार्यवाही के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है, पर प्रस्ताव हमारे संघ के मांगों पर ना बनाकर कुछ और ही बनकर गया है। उन्होंने सवाल किया कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

