दुर्ग :- दुर्ग के सिकोला बस्ती में रहने वाले दंपती को एक ही दिन मौत आई. ये घटना पति पत्नी के बीच गहरे संबंध को दर्शाती है.जिसमें अलग-अलग जगह पर दो मौतें हुई.पहली घटना में पति ने आर्थिक हालात से तंग आकर मौत को गले लगाया.वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में मौत से लड़ाई लड़ने के बाद पत्नी ने पति की मौत के कुछ ही समय बाद दम तोड़ दिया.दंपती ने अपने जीवन में आई हर कठिनाई का सामना एक साथ मिलकर किया,वहीं जब एक ने दुनिया छोड़ी तो दूसरा भी दुनिया छोड़ चला.
कुर्रे दंपती की दर्दभरी जिंदगी : तिलक और शीतल कुर्रे सिकोला बस्ती में रहा करते थे. दोनों के पास खूब पैसा तो नहीं था लेकिन अपने परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए दोनों ही खूब मेहनत किया करते थे. तिलक कुर्रे जहां कुशल पेंटर थे वहीं दूसरी ओर शीतल मजदूरी करके अपने पति की आर्थिक हालत को संभालती थी.दंपती के दो बेटे हैं. जिसमें से एक कुछ दिनों से जेल में है.वहीं दूसरा मेहनत मजदूरी करके घर का खर्चा चला रहा था.लेकिन इस परिवार पर आफत तब आई जब शीतल की तबीयत बिगड़ी.
शीतल की बीमारी से टूटा परिवार : शीतल कुर्रे की जब तबीयत बिगड़ी तो पता चला कि उसकी बड़ी आंत में बड़ी परेशानी हुई है.जिसके लिए ऑपरेशन करना होगा.डॉक्टरों ने इसके लिए तिलक को पैसों का इंतजाम करने को कहा. डॉक्टरों ने शीतल की जान बचाने के लिए उसका ऑपरेशन किया.इस दौरान शीतल को 10 यूनिट ब्लड भी लगा.कुल मिलाकर शीतल की जान बचाने में भारी भरकम खर्च हुआ.
खर्च के बाद परिवार की स्थिति बिगड़ी : अस्पताल में ऑपरेशन के बाद शीतल की जान तो बच गई,लेकिन इलाज में हुए खर्च का बिल देखकर तिलक मानसिक तनाव में आ गया.रोजी मजदूरी करने वाले परिवार के लिए अस्पताल का खर्च किसी आफत से कम ना था.तिलक ने पैसों का इंतजाम करने के लिए हर जगह हाथ फैलाए,लेकिन उसकी कोशिश नाकाम रही.लिहाजा तिलक ने आत्मघाती कदम उठा लिया. 31 अगस्त की शाम को तिलक ने दुनिया को अलविदा कह दिया.उस वक्त तिलक की पत्नी का अस्पताल में इलाज चल रहा था.
पति के बाद पत्नी ने तोड़ा दम : तिलक की मौत की जानकारी परिवार ने उसकी पत्नी शीतल को नहीं दी.सभी को पता था कि शीतल मौत के मुंह से बाहर आई है.लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. शीतल को भले ही उसके पति की मौत की जानकारी ना दी गई हो,लेकिन उसके मन को ये आभास हो चला था कि कुछ अनहोनी हुई है. 1 सितंबर को सुबह 5 बजे अचानक शीतल की तबीयत बिगड़ी और देखते ही देखते उसकी जान चली गई. इस दौरान डॉक्टरों की टीम ने शीतल को बचाने की कोशिश की लेकिन उसे बचाया ना जा सका.इस दुखद घटना ने पूरे मोहल्ले को सदमे में डाल दिया है.मोहल्ले के लोगों का कहना है कि तिलक और शीतल का रिश्ता इतना गहरा था कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर पाई.
