राजनांदगांव:- जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत पंजीकृत अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों और अनियमितताओं के बाद राजनांदगांव हेल्थ केयर हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले तुलसी नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन भी छह माह के लिए निलंबित किया गया था।
कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। पहली जांच में कई कमियां सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रबंधन द्वारा कमियां सुधारने का आश्वासन दिए जाने के बाद टीम ने दोबारा निरीक्षण किया, जिसमें योजनांतर्गत पूर्व कमियों के अलावा नई अनियमितताएं भी पाई गईं।
जिला स्तरीय समिति ने जांच प्रतिवेदन राज्य नोडल एजेंसी को भेजा, जिसके आधार पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य नोडल एजेंसी रायपुर ने अस्पताल का पंजीयन तीन माह के लिए निलंबित करने की स्वीकृति प्रदान की। निलंबन की अवधि में अस्पताल को आयुष्मान योजना से संबंधित सभी प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने और योजना के तहत नये क्लेम प्रकरण पंजीकृत नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल द्वारा योजनांतर्गत किए गए प्रकरणों को भी निरस्त कर दिया गया है।
चेतावनी पर भी नहीं चेते
निरीक्षण के दौरान व्याप्त कमियों के आधार पर अस्पताल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके पश्चात अस्पताल संचालक को पत्र प्रेषित कर सभी कमियों को पूर्ण करा लेने एवं भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं होने के लिए आश्वस्त कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग जांच टीम द्वारा पुन: राजनांदगांव हेल्थ केयर हास्पिटल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान योजनांतर्गत प्राप्त कमियों के अतिरिक्त अन्य अनियमितता पायी गई। इस तरह चेतावनी के बाद भी अस्पताल संचालक नहीं चेता। सीएमएचओ डा. एनआर नवरतन ने बताया कि राजनांदगांव हेल्थ केयर हास्पिटल राजनांदगांव के संचालक को निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल में उपयोग की जाने वाली योजना संबंधी समस्त प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने और योजनांतर्गत नये क्लेम प्रकरण पंजीकृत नहीं करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।

