रायपुर : छ.ग. हैल्थ फेडरेशन के द्वारा 5 सूत्रीय मांगो को लेकर 21 अगस्त 2023 से अनिश्चितकालीन प्रांत स्तरीय हड़ताल किया जा रहा है, अभी तक मांगो के संबंध में कोई ठोस चर्चा एवं निवर्ग नहीं निकल पाया है। इधर आज राहूल गांधी के छ.ग. आगमन एवं युवाओं के संबोधन के पूर्व रातो-राते लगभग 1200 से ज्यादा कर्मचारीयों पर बर्खास्तगी, निलंबन एवं एफआईआर जैसी कड़ी कार्यवाही विभागीय अधिकारीयों के निर्देश पर जारी किए गए है।
छ.ग. हेल्थ फेडरेशन के पदाधिकारीयों का कहना है कि राहूल गांधी पूरे देश मे नफरत की दूकान बंद कर मोहब्बत का बाजार खोलने निकले थे पर छ.ग. मे उनके ही पार्टी के सरकार के रहते स्वास्थ्य कर्मियों के लिए नफरत का बाजार खोल दिया गया है। पूर्ववर्ती सरकार के समय में भी हजारों स्वास्थ्य कर्मचारीयों पर बर्खास्ती एवं जेल मे डालने जैसी कार्यवाही कि गई थी. जिसका कांग्रेस पार्टी द्वारा तत्कालीन सरकार के आलोचना एवं स्वास्थ्य कर्मचारीयों का समर्थन के साथ वादे पूरे करने का आश्वासन दिया था।
लेकिन वर्तमान मे सत्ता मे आने के बाद वादे पूरे करने के बजाय वही रवैया ये भी अपना रही है। छ.ग. स्वास्थ्य फेडरेशन के प्रतिनिधीमंडल द्वारा प्रशासन से राहूल गांधी से मूलाकात करने के लिए ज्ञापन सौपा था किन्तु प्रशसन द्वारा मूलाकात हेतु समय नही दिया गया है इसलिए आज हजारों कि संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी राहूल गांधी कि सभा मे शामिल होने का मन बना लिया है। हेल्थ फेडरेशन के पदाधिकारीयों ने कहा कि वेतनविसंगति जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार के प्रशासनिक अधिकारी गंभीर नही है,
एवं स्वास्थ्य फेडरेशन के मांगो पर संवादहीनता कि स्थिति के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है एवं आंदोलन का निर्णय नहीं निकल पा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में कार्यवाही के बाद भी सैकड़ों कि संख्या मे कल नए हडताली कर्मचारीयों द्वारा हड़ताल मे शामिल होने के लिए आवेदन किया गया जो वास्तविक मे स्वास्थ्य कर्मचारीयों कि विक्ता एवं गंभीर मांगो को दर्शाती है। कार्यवाही के बाद भी फेडरेशन द्वारा हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया गया है। वेतनविसंगति का निराकरण नही होने एवं मांगो के संबंध मे ठोस चर्चा नही होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

