धमतरी:- बाबा भोलेनाथ के शुभ विवाह को भव्य बनाने शहर में भोलेनाथ के बारात में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. पूरी बारात भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आई. ताशे, मंजिरा, डमरू और शंख के गगनभेदी नाद के साथ बाबा की बारात नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिसका जगह जगह स्वागत किया गया. शिव भक्तों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते हुए हर हर महादेव के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
भोले की बारात
देशभर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिवभक्तों में धूम है. धमतरी में भोले बाबा की भव्य बारात निकाली गई. विंध्यवासिनी मंदिर से प्रारंभ हुई बरात धीरे-धीरे बढ़ने लगी. भोले की बारात में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए. बारात भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर रही. बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट एवं बोलबम कांवरियां संघ द्वारा प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के पूर्व बारात का आयोजन किया जाता है. जिसमें अलग-अलग जगह से आकर्षक टोलियां बुलाई जाती है. इस बार भी टोलियों ने लोगों का दिल जीत लिया. लोग इस आकर्षित कर देने वाले मनमोहक दृश्य को अपने कमरे में कैद करते हुए नजर आए. बाबा की पालकी के स्वागत के लिए अलग-अलग संगठनों द्वारा स्टॉल लगाया गया.
झांकिया रही आकर्षण का केंद्र
बारात में धूप, त्रिपुण्ड लगाने वाले महाराज एवं सभी महाराजों का दल, गांव का बाजा, आंगा देवता, घोड़ी, डी.जे. सेटअप, स्केटिंग पहन कर रंगोली, जालमपुर का धुमाल, आरंग की झांकी, बालाघाट के अघोरी, रायपुर की झांकी, कोंडागांव का राउत नाचा, नागपुर की काली मां, किन्नरों का नृत्य, ओडिशा का कटप्पा, सोन अघोरी, बनारस का डमरू और पालकी आकर्षण का केंद्र रही.
भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह
श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के ट्रस्ट के अध्यक्ष विपिन पवार ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व को मंदिर ट्रस्ट द्वारा महोत्सव के रूप में मनाया जाता है. पांच दिवसीय इस आयोजन में हल्दी, मेहंदी, मंगल गीत और बारात के बाद महाशिवरात्रि पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. जिले के इतवारी बाजार स्थित श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर 1400 साल पुराना है, जहां पर भक्तों की आस्था देखते ही बनती है.अध्यक्ष ने बताया कि हर साल अब भक्तों की संख्या बढ़ते जा रही है. शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से बारात निकलती है. बनारस की तर्ज पर पालकी यात्रा भी निकाली गई थी.

