बालोद:- स्कूल बसों की जांच को लेकर बालोद जिला प्रशासन गंभीर हो गया है. रविवार को बालोद एसपी योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर आरटीओ और यातायात विभाग ने स्कूली बसों की जांच की. यातायात विभाग और आरटीओ ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया. इस दौरान कुल 26 बसों की जांच की गई. परिवहन विभाग ने दो बस संचालकों पर कार्रवाई भी की है. इस अभियान की अगुवाई ASP मोनिका ठाकुर, एसडीओपी बोनीफॅास एक्का और यातायात प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय ने की.
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत जांच
यह जांच सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत की गई. जांच टीम ने बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति देखी. इसके साथ बसों में डायल 112 और पुलिस कंट्रोल रूम के नंबरों वाले बोर्ड लगे हैं या नहीं, इसकी भी जांच की गई. नर्सरी और प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए बसों में महिला परिचालिका (लेडी अटेंडेंट) की अनिवार्यता को लेकर जांच की गई. इसके अलावा बच्चों के बैग रखने के लिए पर्याप्त स्थान संबंधी नियमों पर विशेष ध्यान दिया गया.
गलतियां मिलने पर की गई कार्रवाई
संयुक्त जांच के दौरान दो स्कूली बसों में सुरक्षा संबंधी खामियां पाई गई. इस पर सख्ती दिखाते हुए विभाग ने 1500 रुपये का जुर्माना वसूला. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. संबंधित बस संचालकों को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है कि वे सभी कमियां दूर कर परिवहन विभाग को रिपोर्ट करें.

