जांजगीर-चांपा:- अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सांकर के एक किसान ने धान बेचने में आ रही लगातार परेशानियों से तंग आकर फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। किसान ने इस कदम से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी व्यथा साझा की, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही
समय रहते परिजनों द्वारा अस्पताल पहुंचाए जाने से किसान की जान बच गई और फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्राम सांकर निवासी अनुराग सिंह ठाकुर, जो क्षेत्र के बड़े किसानों में गिने जाते हैं, पिछले वर्ष भी उपार्जन केंद्र में धान नहीं बेच पाए थे। मजबूरी में उन्हें दलालों के माध्यम से धान बेचना पड़ा, जिससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इस वर्ष उन्होंने पिछले नुकसान की भरपाई की उम्मीद से धान की खेती की थी, लेकिन इस बार भी डेढ़ सौ क्विंटल से अधिक धान उपार्जन केंद्र में नहीं बिक पाया। बताया गया कि अंतिम तिथि तक उन्हें टोकन नंबर जारी नहीं किया गया, जिससे वे धान बेचने से वंचित रह गए।
मुआवजा भी अब तक नहीं मिल पाया
इसके साथ ही भारतमाला परियोजना के तहत उनकी भूमि सिक्स लेन सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन उसका मुआवजा भी अब तक नहीं मिल पाया है। किसान का आरोप है कि प्रशासनिक कूटरचना और लापरवाही के चलते उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए।

