सूरजपुर:- अजब-गजब ठगी का एक मामला बसदेई थाना इलाके से सामने आया है. पुलिस ने ठगी की शिकायत मिलने के बाद दो आरोपियों की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से की है. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नेपाल के बार्डर एरिया से हुई है. पकड़े गए दोनों बदमाशों पर आरोप है कि ये लोग खुद को कभी जेल अधीक्षक बताते थे, तो कभी खुद को किसी थाने का इंचार्ज. जेल अधीक्षक और थाना प्रभारी बनकर पहले तो ये लोगों को डारते धमकाते, फिर दबिश में लेकर उनसे ठगी की वारदात को अंजाम देते. लोग जबतक उनको समझ पाते ये पैसे लेकर रफूचक्कर हो जाते.
गजब के ठग गिरफ्तार
फरियादी के मुताबिक आरोपियों ने जेल में बंद उसके बेटे को छुड़ाने के लिए 75 हजार की रकम वसूल ली. ये पूरी ठगी की वारताद और पैसों की वसूली ऑनलाइन की गई. पीड़ित ने बताया कि उसके बेटे को पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था. बेटे के गिरफ्तारी से पूरा परिवार परेशान है. परिवार के लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द उनका बेटा छूट जाए. इसी दौरान आरोपियों ने पीड़ित परिवार से संपर्क किया. संपर्क करने वालों ने बताया कि वो संबंधित थाने का इंचार्ज है जिसमें उसके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है. आरोपियों में से एक ने खुद को जेल अधीक्षक भी बताया. दोनों पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि उनके बेटे कि रिहाई ये लोग करा देंगे. बदले में उनको कीमत चुकानी होगी. 75 हजार में डील फाइनल हुई.
ठग खुद को बताते थे जेल अधीक्षक और थानेदार
आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पीड़ित को झांसे में लिया और ऑनलाइन माध्यम से 75 हजार ट्रांसफर करवा लिए. पैसे जमा होने के बाद जब आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद उसने बसदेई थाने में शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई.
