दुर्ग : जिले के मोहननगर थाना क्षेत्र के गिरधारी नगर स्थित एक घर से पुलिस ने महिला के जले हुए शव बरामद किया था। जिसकी गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बताया जाता है कि गिरधारी नगर दुर्ग निवासी सुप्रिया यादव ने अपने प्रेमी तथाकथित चिकित्सक गण्डई निवासी उमेश साहू के साथ मिलकर अपराधिक षडयंत्र रच कर गण्डई निवासी सुरजा बाई मरकाम 90 वर्ष की हत्या की और अपनी मौत की झूठी कहानी रची थी।
मृतिका सुरजा बाई मरकाम के शव को प्रेमिका सुप्रिया यादव द्वारा अपने घर के स्टोर रूम में जलाया गया था। घटना को अंजाम देने वाले तथाकथित चिकित्सक प्रेमी उमेश साहू व प्रेमिका सुप्रिया यादव तथा उमेश साहू का मित्र प्रदीप जंघेल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं घटना में उपयोग किए गए कार को भी बरामद कर लिया है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि मधु यादव निवासी गिरधारी नगर, दुर्ग 15-16 अगस्त के दरम्यानी रात 1ः30 बजे के आस पास अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनकर उठी।
तभी पीछे आंगन में देखी की स्टोर रूम में आग लग गया है। देवर भुपेन्द्र यादव को फोन करके जगाई, परिवार के सभी लोग उठकर आ गये और आग बुझाये व आग में कोई लाश को जलते देखा गया तथा देवरानी सुप्रिया यादव अपने कमरे में नहीं थी इससे एैसा भ्रम हुआ कि जली हुयी लाश सुप्रिया यादव का हो सकता है क्योंकि जलने के स्थल पर सुप्रिया यादव की चुड़ी एवं बिछिया पड़ी हुई थी। जिससे पुलिस मामले को जांच में लिया। वहीं 16 अगस्त की रात्रि 8ः30 बजे सुप्रिया के मायके गंड़ई से सूचना प्राप्त हुयी कि सुप्रिया यादव खैरागढ़ एवं जालबांधा के बीच अचेत अवस्था में पड़ी थी।
होश आने के बाद डायल 112 के माध्यम से उसके मायके टिकरी पारा गंड़ई पहुँचाया गया है। सुप्रिया यादव के जीवित होने की पुष्टि के बाद अज्ञात शव का पता करना प्रारंभ किया गया जो शुरूवात में अत्यंत ही पेचिदा काम था। उक्त सनसनीखेज घटना को अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए पुलिस की टीम ने सुप्रिया यादव को तलब कर पूछताछ करने पर पता चला कि वह गिरधारी नगर में अपने पति भुपेन्द्र यादव, दो बच्चों, सास व जेठ जेठानीयों व उसके बच्चों के साथ संयुक्त रूप से रहना, सास के द्वारा लगातार खरी खोटी सुनाने, टोका टॉकी करने से परेशान रहना, पूर्व से ही अपने मायके गंड़ई के मेडिकल स्टोर संचालक उमेश साहू से प्रेम प्रसंग होना,
जिसके कारण घर से प्रेमी के साथ जाने के लिए उसके साथ मिलकर योजना बनाना और अपने आप को मृत घोषित करने के लिए प्रेमी उमेश साहू जब 21 जुलाई से 8 अगस्त के मध्य दुर्ग में रहकर बी फार्मा परीक्षा दिलाने के दरम्यान अपने प्रेमिका सुप्रिया यादव 32 वर्ष निवासी गिरधारी नगर दुर्ग के साथ उक्त अवधि में अक्सर मुलाकात हुई और सुप्रिया यादव और उमेश साहू ने मिलकर यह अपराधिक षडयंत्र रचा कि किसी महिला को मारकर सुप्रिया यादव के गिरधारी नगर दुर्ग के स्टोर रूम में जला दिया जाये। इससे सुप्रिया यादव की मृत्यु जलकर दिखाकर अपने प्रेमी उमेश साहू के साथ भागकर चली जाये व हमेशा के लिये सुप्रिया यादव का अस्तित्व समाप्त हो जाये।

इसी षडयंत्र के साथ सुप्रिया यादव का प्रेमी तथाकथित डॉक्टर आरोपी उमेश साहू ने गण्डई स्थित अपने क्लिनिक में लंबे समय से ईलाज कर रहे सुरजा बाई मरकाम 90 वर्ष निवासी टिकरीपारा गंडई को 14 अगस्त को शाम आरोपी उमेश साहू के पास ईलाज कराने के लिए गण्डई स्थित उसके क्लिनिक एवं मेडिकल स्टोर मे आई थी उसे गला दबाकर मारकर बोरे में भरकर अपने मेडिकल स्टोर के फ्रिज में रख दिया था तथा अपने इस कृत्य के बारे में अपने परम् मित्र प्रदीप जंघेल निवासी खैरानवापारा छुईखदान को भी बताया और उक्त मित्र के साथ अपने भाई की होण्डा अमेज कार के डिक्की में रख कर शव को 15 अगस्त के रात्रि करीब 10ः00 बजे दुर्ग लेकर पहूॅचा।
प्रेमिका सुप्रिया यादव व प्रेमी तथाकथित डॅाक्टर उमेश साहू अपने पूर्व षडयंत्र के मुताबिक शव को कार से सुप्रिया यादव के घर गिरधारी नगर दुर्ग के मकान के पीछे दरवाजे के पास रात्रि करीब 1ः00 बजे पहॅूचा व सुप्रिया यादव को उमेश साहू ने अपने मोबाईल फोन से मैसेज कर सुरजा बाई के शव को सुप्रिया यादव के घर के अन्दर कॉटा एवं तार फेन्सिग को हटा कर ले गया तथा सुप्रिया यादव के स्टोर रूम जहॉ पूर्व से कण्डे एवं लकड़ियॉ रखी थी उसमें रख कर शव को पेट्रोल डाल कर जला दिया गया। इस दरम्यान स्टोर रूम में काफी जोर का धमाका भी हुआ जिसे मोहल्ले के लोग देखे व सुने भी है।
आरोपीगण प्रेमी उमेश साहू एवं प्रेमिका सुप्रिया यादव शव को जलाने के बाद कार में पहले से मौजूद आरोपी उमेश साहू के साथी प्रदीप जंघेल तीनों देर रात करीब 2ः00 बजे गण्डई के लिये रवाना हो गये। सुप्रिया यादव गण्डई स्थित उमेश साहू के मेडिकल स्टोर में उसके साथ रात रूकी। सुबह होने पर सुप्रिया यादव को अपने बच्चों की याद आने पर वापस गिरधारी नगर दुर्ग आने की जिद करने लगी। उसके बाद प्रेमी उमेश साहू उसे खैरागढ में छोड़ दिया गया। जहॉ वह सिंदूर और बंदन को अपने शरीर पर लगाकर पास के एक घर में जाकर बेहोशी की मनगढंत कहानी बनाकर मदद मांगी। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

