रायपुर : छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदु से लगभग आठ घंटे तक गहन पूछताछ की। लेकिन उनके जवाबों से संतुष्ट न होने पर ED ने उन्हें दोबारा 3 मार्च को पेश होने का निर्देश दिया। इस दौरान कांग्रेस दफ्तर और अन्य वित्तीय मामलों को लेकर भी सवाल-जवाब हुए।
32 पन्नों का दस्तावेज नाकाफी, फिर होगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, सुकमा और कोंटा में कांग्रेस कार्यालय के निर्माण से जुड़े सवालों के जवाब में पार्टी ने 32 पन्नों का दस्तावेज पेश किया, लेकिन ED ने इसे अपर्याप्त मानते हुए आगे की जांच की जरूरत बताई।
शराब घोटाले में कांग्रेस नेता सुशील ओझा से भी 10 घंटे पूछताछ
इस जांच में कांग्रेस के एक और नेता सुशील ओझा को भी तलब किया गया। उनसे शराब घोटाले से जुड़े सवाल किए गए, जिसमें उन्होंने 10 घंटे तक अपने बयान दर्ज कराए। ओझा ने कहा, “मुझे सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मैंने किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनका पूर्व मंत्री कवासी लखमा से पुराना संबंध है, जो युवा कांग्रेस के दिनों से चला आ रहा है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज
ED द्वारा कांग्रेस नेताओं से लगातार पूछताछ के कारण छत्तीसगढ़ की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

