कोरबा : वन परिक्षेत्र इलाकों में वन्य प्राणियों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। जंगली जानवर ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं. जिससे लोगों में भय का माहौल है। वहीं कोरबा जिले के पतरापाली गांव के आश्रित ग्राम बोइरझूमर टिकरा में एक खूंखार भालू ने ग्रामीण पर जानलेवा हमला कर दिया।
भालू के शिकार बनने से बचने के लिए ग्रामीण अपनी जान की बाजी लगाकर भालू से डट कर मुकाबला किया और जैसे-तैसे उसकी जान बच गई। लेकिन भालू के हमले से शख्स बुरी तरह से जख्मी हो गया है। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। बता दें कि बोइरझूमर टिकरा निवासी जोतराम राठिया 64 वर्ष देर शाम तक मवेशी घर नहीं आने पर मवेशियों को ढूंढने के लिए जंगल की ओर गया हुआ था।
इसी बीच झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने जोतराम राठिया अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान यहां मौजूद भालू ने जोतराम पर हमला बोल दिया। अपनी जान बचाने के लिए जोतराम भालू से ही भिड़ गया। जंगली भालू और जोतराम के बीच यह संघर्ष करीब 15 मिनट तक चलता रहा, जिसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। इस घटना में जोतराम राठिया गंभीर रूप से घायल हो गया है। भालू ने उसके हाथ पैर और सर, चेहरा, आंख पर नाखून से नोंच लिया है।
वह खून से लथपथ होकर किसी तरह घर पहुंचा। जिसके बाद इस घटना की जानकारी सरपंच ने कोरबा वन विभाग तक पहुंचाई। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने तत्काल सहायता राशि 2000 देते हुए. घायल वृद्ध व्यक्ति जोतराम राठिया को एंबुलेंस के जरिए कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया है. जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार देकर बिलासपुर सिम्स रेफर कर दिया गया है।

