महासमुंद :- महासमुंद पुलिस ने नशीला पदार्थ, अवैध शराब और मादक पदार्थों पर नकेल कसने के लिए बड़ा अभियान चलाया है. मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन के बाद से जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ सख्ती जारी है. ताजा मामले में तीन अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.
कोमाखान में हुई पहली कार्रवाई
मुखबिर की सूचना पर ओड़िसा से आ रहे ट्रक को रोककर तलाशी ली गई.जिसमें दो व्यक्तियों से गहन पूछताछ की गई. पूछताछ करने पर ड्रायवर सीट में बैठे व्यक्ति अपना नाम रविशंकर यादव निवासी बिहार और हेल्पर सीट पर बैठे शख्स ने अपना नाम सुनील चौहान निवासी यूपी बताया. उन्होंने ट्रक के अंदर अवैध मादक पदार्थ गांजा होने की जानकारी दी. दोनों ने बताया कि अवैध मादक पदार्थ गांजा को भवानीपटना से 50 किलोमीटर आगे एम रामपुर जंगल बालीगुडा ओड़िसा से लाकर प्रयागराज ले जाया जा रहा है. जानकारी के बाद जब पुलिस ने तलाशी ली तो पशुचारा के अंदर 7 नग बोरियों में गांजा छिपाकर रखा गया था.गांजे की कीमत 70 लाख रुपए आंकी गई है.
बागबहरा थाना क्षेत्र में गांजा जब्त
मुखबिर से सूचना मिली की नेशनल हाईवे 353 से होकर स्कूटी वाहन में सवार दो व्यक्ति गांजा तस्कर कर ले जा रहे है.जिन्हें तत्काल नाकाबंदी और जांच कार्रवाई करते हुए पकड़ लिया गया.तस्करों के पास से 23 किलो 300 ग्राम गांजा जब्त किया गया.जिसे आरोपी ओड़िसा से दुर्ग की ओर जा रहे थे. जब्त गांजे की की कीमत 11 हजार के करीब बताई जा रही है.
खल्लारी थाना क्षेत्र में गांजा तस्कर गिरफ्तार
खल्लारी थाना क्षेत्र में बाइक में गांजा तस्करी करते दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया.इनके पास से 12 लाख रुपए का गांजा जब्त किया गया.दोनों तस्करों ने अपना नाम अभिषेक यादव निवासी अंजोरा दुर्ग और दीपक चंदन निवासी कोहका दुर्ग बताया. दोनों ओड़िसा से दुर्ग गांजा लेकर जा रहे थे.आपको बता दें कि सभी आरोपी और नेटवर्क से जुडे़ अन्य संलिप्त व्यक्तियों से वित्तीय लेनदेन एवं संपत्तियों की पहचान कर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

