कोरबा:- शराब बेचने के जुर्म में कोतवाली थाना क्षेत्र के सीतामणी के युवक को पुलिस ने 10 फरवरी की सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया. यह खबर सुनकर युवक की मां को गहरा झटका लगा, आरोप है कि पहले से ही बीमार मां इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकी. सदमे से दौरा पड़ा (संभवतः दिल का दौरा) और देर रात को उनकी मौत हो गई. इससे मोहल्ले के लोग आक्रोशित हो गए. 11 फरवरी को मोहल्लावासियों ने एसपी कार्यालय का घेराव कर दिया. मां की अंत्येष्टि के लिए युवक को पैरोल दिलाने पुलिस भी सक्रिय हुई. अंततः युवक पैरोल पर जेल से बाहर निकाला और मां की अंतिम क्रिया में शामिल हुआ.
10 फरवरी को युवक को घर से ले गई थी पुलिस
सीतामणी क्षेत्र में नशेबाजी और अवैध गतिविधियों की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस 10 फरवरी की सुबह लगभग 10 बजे को सीतामणी क्षेत्र में कार्रवाई करने निकली थी. इसी दरमियान सैलून में काम करने वाले सीतामणी निवासी युवक गोविंद श्रीवास(24 साल) के घर पर पुलिस पहुंची. प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिसकर्मी बिना वारंट के ही युवक के घर पहुंच और तलाशी लेने के साथ पूछताछ करने लगे.
बेटे की गिरफ्तारी की खबर से बिगड़ी तबीयत
लोगों का आरोप है कि अवैध तरीके से शराब बेचने का इल्जाम लगाया और पूछताछ के नाम पर गोविंद को अपने साथ ले गए. इसके बाद उसे जेल भेज दिया. रात को गोविंदा की मां सविता श्रीवास (45 साल) को जब यह सूचना मिली, कि बेटा गिरफ्तार हो गया है. तब उनकी तबीयत बिगड़ गई. वह पहले से ही बीमार थी. बेटे के गिरफ्तारी की खबर सुनकर उन्हें दौरा पड़ने लगा. आनन फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां देर रात को चिकित्सको ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, इसके बाद मोहल्ले में आक्रोश फैल गया. पुलिस की कार्यशैली को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगी.
दोस्त बेकसूर था, गलत इल्जाम लगाया
सीतामणी क्षेत्र के निवासी सीतलेश सोनवाई ने बताया कि जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है, गोविंद मेरा दोस्त है. वह नशे का कोई व्यापार नहीं करता. पुलिस वालों ने घर में छानबीन किया घर में कुछ नहीं मिला. उससे कहा कि गांजा बेचते हो, जिसके बाद उसे उठा कर ले गए. थाना लेकर गए, थाने में उसके खिलाफ शराब बेचने का झूठा मामला बनाया गया. जबकि घर से लेकर जाते हुए सीसीटीवी फुटेज हमारे पास मौजूद है. जिसमें साफतौर पर खाली हाथ दिख रहा है, युवक और पुलिस दोनों खाली हाथ गए थे.

