बस्तर : बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद दंतेवाड़ा जिले में हालात बिगड़ गए हैं। कुआकोंडा थाना क्षेत्र के धनिकरका नाले में नहाते समय 6 साल के दो जुड़वा भाइयों की डूबकर मौत हो गई। सालभर पहले ही उनके पिता की भी डूबने से मौत हो चुकी थी। जिले में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, 200 से ज्यादा मकान ढह गए और 100 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है।
बस्तर में बारिश थमी, लेकिन तबाही जारी
बस्तर संभाग में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अब मानसून की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। बावजूद इसके दंतेवाड़ा जिले में बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। जिले के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है और सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं।
नाले में डूबे दो मासूम
कुआकोंडा थाना क्षेत्र के धनिकरका खाले पारा गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। यहां 6 साल के जुड़वा भाई सुरेंद्र भास्कर और नरेंद्र भास्कर नहाने के लिए नाले में उतरे। नहाते समय वे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। गांव के लोगों ने बताया कि करीब एक साल पहले ही दोनों बच्चों के पिता की भी डूबने से मौत हो गई थी। लगातार दूसरी त्रासदी से परिवार और गांव में मातम पसर गया है।
जिले में बाढ़ का असर
बारिश और बाढ़ ने दंतेवाड़ा में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार:
- अब तक 100 से ज्यादा गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है।
- 200 से अधिक मकान ढह गए हैं।
- करीब 2,196 लोग राहत शिविरों में शिफ्ट किए गए हैं।
- अब तक पांच लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है।
दंतेवाड़ा नगर और आसपास के गांवों में कुल नुकसान का आंकलन 50 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।
नदियों का उफान और पुल का नुकसान
दंतेवाड़ा में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके कारण शंखनी और डंकनी नदियों का पानी नहीं बह पा रहा है और आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है।पनेड़ा के पास नेशनल हाईवे स्थित पुल का अप्रोच भी बह गया है, जिससे यातायात बाधित हुआ है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।