हिंदू पंचांग में एकादशी व्रत को बहुत खास माना जाता है. यह महीने में दो बार आती है. एक बार कृष्ण पक्ष में और एक बार शुक्ल पक्ष में. इससे इतर सभी एकादशी में देवउठनी एकादशी का महत्व ज्यादा है.
इस मसले पर लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थान एकादशी मनाई जाती है. कहीं-कहीं इसे देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसी मान्यता है चतुर्मास के बाद जगत के पालनहार भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और देश-दुनिया में नए और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. इसके साथ-साथ इस दिन से भगवान विष्णु और धन की अधिष्ठाक्षी देवी मां लक्ष्मी की एक साथ पूजा करने से जातकों के पाप कटते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है.
ज्योतिषाचार्य ने आगे बताया कि देवउठनी एकादशी 2025 के दिन माता तुलसी की पूजा का भी विधान है. ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान विष्णु को तुलसीदल बेहद प्रिय हैं और उनकी पूजा-आराधना में तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रबोधिनी एकादशी के अगले दिन माता तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह भी होता है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में तुलसी विवाह भी कहा जाता है. बता दें, तुलसी को मां लक्ष्मी का ही एक रूप माना जाता है. इसी सिलसिले में आइये जानते हैं देवउठनी एकादशी 2025 पर तुलसी पूजा के खास उपाय.
उन्होंने कहा कि इस बार देवउठनी एकादशी की शुरुआत शनिवार 1 नवंबर 2025 को सुबह 9 बजकर 11 मिनट से हो रही है, जो रविवार 2 नवंबर को प्रात:काल 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. हिंदू धर्म में उदयातिथि की मान्यता है, इसलिए देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा और तुलसी विवाह भी इस दिन किया जाएगा.
भगवान को लगाएं तुलसी दल का भोग
डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि देवउठनी एकादशी 2025 के दिन प्रात: काल पूजा के समय भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें. ऐसा करने से श्री हरि और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा मिलेगी. धन संबंधित परेशानियां दूर होंगी और घर में सुख-समृद्धि आएगी.
तुलसी के पौधे के नीचे जलाएं देसी घी का दीपक
उन्होंने कहा कि इस दिन सभी जातकों को तुलसी के पौधे के नीचे गाय के शुद्ध घी का एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए. इसके बाद उस पौधे की परिक्रमा करें. ऐसा करेंगे तो मां लक्ष्मी के साथ-साथ तुलसी माता का भी आशीर्वाद मिलेगा. घर में सकारात्मकता आएगी.
पूजा में करें इन मंत्रों का जाप
डॉ. उमाशंकर मिश्र ने यह भी बताया कि सभी जातक पूजा के समय तुलसी मां के मंत्रों का जाप भी जरूर करें. ऐसा करने से मां की असीम कृपा बरसेगी.
तुलसी के पौधे पर चढ़ाएं सुहाग सामग्री
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस दिन सभी सुहागिनें तुलसी के पौधे की विधिवत पूजा-अर्चना करें और उसके बाद 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. इससे धन की परेशानियों से निजात मिलती है.

