बागेश्वर : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है। कपकोट विकासखंड के पौंसारी (खाई जर तोक) गांव में गुरुवार देर रात बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग लापता हैं। इस बीच, क्षेत्र में नुकसान का जायजा लेने पहुंचे स्थानीय विधायक सुरेश गढ़िया के गनर के साथ एक हादसा हो गया, जब वह तेज बहाव वाले गदेरे में बह गया। गनीमत रही कि एसडीआरएफ ने त्वरित कार्रवाई कर गनर को 200 मीटर दूर जाकर बचा लिया।
विधायक और गनर का नदी पार करने का जोखिम
नुकसान का आकलन करने के लिए विधायक सुरेश गढ़िया प्रभावित क्षेत्र की ओर जा रहे थे। रास्ते में एक उफनते गदेरे को पार करना पड़ा। एसडीआरएफ की टीम ने रस्सियों की मदद से विधायक को सुरक्षित गदेरा पार करवाया, लेकिन उनका गनर तेज बहाव में फिसलकर गदेरे में बह गया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एसडीआरएफ के जवानों ने तुरंत कार्रवाई की और गनर को करीब 200 मीटर दूर जाकर बमुश्किल सुरक्षित निकाल लिया।
बादल फटने से भारी तबाही
बागेश्वर के कपकोट विकासखंड के पौंसारी गांव में बादल फटने से मलबे और पानी के तेज बहाव ने दो परिवारों को भारी नुकसान पहुंचाया। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। ग्रामीणों की मदद से एक घायल व्यक्ति को सुरक्षित निकाला गया है। इस आपदा ने घरों, खेतों, पशुधन और गांव की सड़कों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। मलबे के कारण कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
राहत और बचाव कार्य
युद्धस्तर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिलाधिकारी आशीष भटगांई स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की टीमें वैकल्पिक रास्ते तैयार कर रही हैं, ताकि राहत दल प्रभावित क्षेत्रों तक जल्द से जल्द पहुंच सकें।
आपदा से प्रभावित क्षेत्र
पौंसारी गांव में बादल फटने के कारण आए मलबे ने कई घरों को नष्ट कर दिया और खेती की जमीनों को तबाह कर दिया। पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले भी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित रहा है, लेकिन इस बार का नुकसान अभूतपूर्व है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश तेज कर दी है और घायलों के लिए चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।