रायपुर : आज कांग्रेस महाधिवेशन का दूसरा दिन था जिसकी शुरुआत अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ध्वजारोहण कर की। इसके बाद सभी बड़े नेता वहां बने मंच पर बैठ गए। इसके बाद रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि अम्बिका सोनी की अध्यक्षता में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के संविधान में छोटे और बड़े मिलाकर 85 संशोधन किये हैं। उन्होंने 6 बड़े संशोधन को लेकर बताया कि –
पहला संशोधन
सामाजिक न्याय की क्रान्ति का आगाज :
कांग्रेस स्टीयरिंग कमेटी ने अनुमोदन किया कि अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, आदिवासी और पिछड़ों के लिए डेलीगेट्स, AICC डेलीगेट्स और PCC डेलीगेट्स और सभी पदों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ;लगातार महिलाओं और युवाओं के प्रतिनिधित्व की बात करते हैं इसलिए 50 प्रतिशत जो आरक्षित है और 50 प्रतिशत जो अनारक्षित है दोनों में 50 प्रतिशत, 50 साल से कम युवाओं की भागीदारी होगी।
दूसरा संशोधन
आधुनिकता के साथ कदम ताल फ़ैलाने का निर्णय :
रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि कांग्रेस में अब पेपर मेम्बरशिप नहीं होगी बल्कि डिजिटल मेम्बरशिप होगी और डिजिटल रिकॉर्ड होगा। ये संशोधन 1 जनवरी 2025 से लगो होगा।
तीसरा संशोधन
उन्होंने कहा कि बूथ तो हमारा यूनिट रहा है, पर विशिष्ट रूप से बूथ कमेटी, पंचायत कांग्रेस कमेटी, शहरों में वॉर्ड कांग्रेस कमेटी, intermediate कांग्रेस कमेटी इसे चाहे जनपद कांग्रेस कमेटी बुलाएं या मंडल कांग्रेस कमेटी बुलाएं ये प्रदेश कांग्रेस का फैसला है, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ये कांग्रेस की इकाइयां होंगी।
चौथा संशोधन
अब कांग्रेस में थर्ड जेंडर को भी जोड़ा जाएगा, वहीँ पहले सभी फॉर्म में सिर्फ पिता का नाम लिखने का ही विकल्प था लेकिन अब उसमे मां का नाम और पत्नी का नाम भी लिखा जाएगा।
पांचवा संशोधन
राजीव गांधी ने पंचायती राज संस्थाओं का सपना देखा था और उसे लागू भी कर दिखाया। कांग्रेस के चुने हुए सदस्य हैं, पंचायती राज संस्थाओं के, स्थानीय निकायों के, को ऑपरेटिव सोसायटी के, मार्केटिंग सोसायटी के। कांग्रेस ने इसलिए संशोधन किया है कि ब्लॉक स्टार पर, जिला और प्रदेश स्तर पर, हर स्तर पर जहां-जहां कांग्रेस के चुने हुए सदस्य हैं चाहे वो पंचायत समिति के सदस्य हों, जिला परिषद् के सदस्य हों, जिला पंचायत के अध्यक्ष हों, नगर पालिका और कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष हों वो ब्लॉक, DCC और PCC के ऑटोमेटिक डेलीगेट्स चुने जाएंगे उन्हें किसी से पूछने की जरुरत नहीं।
छठवा संशोधन
सदस्यता से सशक्तिकरण की ओर :
अब तक 8 PCC डेलीगेट्स पर एक AICC मेंबर चुना जाता था लेकिन अब जनसँख्या बढ़ी, AICC के सदस्य बढे, प्रांत बढे इसलिए ये निर्णय लिया गया कि अब 6 PCC डेलीगेट्स पर एक AICC मेंबर चुना जाएगा। और AICC मेंबर की संख्या भी 1240 से बढ़कर 1653 हो जाएगी। कांग्रेस कार्यसमिति की संख्या 23/2 पर निर्धारित थी लेकिन अब AICC सदस्य बढे इसलिए यह सुझाव दिया गया कि CWC में 35 सदस्य होंगे जिसमे से 50 प्रतिशत SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, यूथ और महिला के लिए आरक्षित होंगे, वहां कोई और नहीं चुना जाएगा।
कांग्रेस के प्रधानमंत्री, कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस के लोकसभा और राजयसभा में नेता गण अपने आप ही CWC के सदस्य होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष और parliamentry party के चेयरपर्सन के साथ-साथ पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी को भी रेकॉग्नाइज किया गया है।
