केंद्रपाड़ा (ओडिशा):- क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जिस ‘आशा दीदी’ पर गांव की गर्भवती महिलाएं अपनी सेहत के लिए भरोसा करती हैं, अनजाने में वही उनकी मेहनत की कमाई लुटने का जरिया बन सकती हैं? ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से साइबर ठगी का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इन घटनाओं में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा देने वाली आशा कार्यकर्ताओं को माध्यम बनाया जा रहा है, जिससे उनकी भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं.
ठगी का नया ‘मोडस ऑपरेंडी’
साइबर अपराधी अब सीधे कॉल करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग की जमीनी कार्यकर्ता ‘आशा दीदी’ को निशाना बना रहे हैं. ठग खुद को दिल्ली के हेड ऑफिस या जिला कार्यालय का बड़ा अधिकारी बताकर आशा कार्यकर्ताओं को फोन करते हैं. वे उन्हें नौकरी से निकालने या सस्पेंड करने की धमकी देते हैं और उनके क्षेत्र की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली (धात्री) महिलाओं के मोबाइल नंबर मांगते हैं.
भरोसा जीतने के लिए ठग आशा कार्यकर्ता को ही ‘कॉन्फ्रेंस कॉल’ पर लेकर पीड़ित महिला से बात करते हैं. चूंकि कॉल पर उनकी जानी-पहचानी आशा दीदी मौजूद होती है, इसलिए महिलाएं बिना किसी शक के ठगों की बातों में आ जाती हैं.
प्रमुख घटनाएं और शिकार महिलाएं
केंद्रपड़ा जिले के पट्टामुंडई और डेराबिश इलाकों से दिल दहला देने वाली शिकायतें सामने आई हैं. 5 महीने की गर्भवती डेराबिश की सुनीता बारीक के खाते से 81,000 रुपये साफ कर दिए गए. उन्हें व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर कहा गया कि सरकारी नियमों में बदलाव के कारण ‘ममता योजना’ की पहली किस्त अब PhonePe के जरिए मिलेगी. सुनीता ने घर बनाने के लिए बैंक से कर्ज लिया था, जो पल भर में लुट गया. पट्टामुंडई की मिन्ती दास तीन दिन पहले मां बनी थी. ठगों ने उनसे 18,400 रुपये ठग लिए. उनके साथ एक और महिला से भी 4,000 रुपये लूटे गए.
आशा कार्यकर्ताओं की बेबसी
इस ठगी में माध्यम बनीं आशा कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ और अपराधी महसूस कर रही हैं. पट्टामुंडई की आशा कार्यकर्ता रुबी बेहरा रोते हुए कहती हैं, “मुझे दिल्ली के हेड ऑफिस के नाम से फोन आया और नौकरी छीनने की धमकी दी गई. मैंने डर के मारे नंबर दे दिया. अब गांव वाले मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, मैं यह नौकरी छोड़ दूंगी.
वहीं, बिशोक गांव की आशा कार्यकर्ता युक्सा राउत ने बताया कि ठग ने उनसे टीकाकरण और सरकारी राशन (अंडे-छतवा) के बारे में पूछकर विश्वास जीता और फिर ‘ममता दिवस’ के दौरान उन्हें फोन पर व्यस्त रखकर पीड़िता से पैसे ऐंठ लिए.

