नई दिल्ली:- प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक के कारवार विधानसभा क्षेत्र से विधायक सतीश कृष्ण सैल को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया है. एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी.
ईडी के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने विधायक से दिन भर की पूछताछ के बाद मंगलवार रात को उन्हें गिरफ्तार किया. विधायक उसी दिन एजेंसी के सामने पेश हुए थे. मामले से जुड़े अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि सैल अपनी पेशी से पहले “समन से बच रहे थे.” विधायक को आज बाद में अदालत में पेश किया जाएगा.
यह कदम ईडी के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा इस मामले के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत कारवार (उत्तर कन्नड़), गोवा, मुंबई और नई दिल्ली में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाने के एक महीने बाद उठाया गया है. छापे 13 और 14 अगस्त को मारे गए.
ये कार्रवाई सतीश सेल और अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं, जिनमें आशापुरा माइनकेम लिमिटेड, श्री लाल महल लिमिटेड, स्वास्तिक स्टील्स (होसपेट) प्राइवेट लिमिटेड, आईएलसी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर मिनरल्स लिमिटेड शामिल हैं. ये कंपनियां ईडी की जांच का हिस्सा थी.
इन्हें अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की मिलीभगत से श्री मल्लिकार्जुन शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए गए लौह अयस्क फाइन्स के अवैध निर्यात के लिए सांसदों और विधायकों के लिए एक विशेष अदालत बैंगलोर द्वारा दोषी ठहराया गया था.
ईडी ने भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराधों के लिए अदालत के दोषसिद्धि आदेश के आधार पर जांच शुरू की.
ईडी की जांच से पता चला कि कारवार विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक सतीश सैल ने अन्य व्यापारिक संस्थाओं और बेलेकेरी पोर्ट के अधिकारियों के साथ मिलीभगत 2010 से 10 जून 2010 तक के सभी अवैध निर्यात पहले से ही वन विभाग, अंकोला के जब्ती के आदेश के अधीन थे.
एजेंसी ने पहले एक बयान में कहा था, “इस कंपनी के माध्यम से सतीश सेल द्वारा किए गए अवैध निर्यात का कुल मूल्य 86.78 करोड़ रुपये था.” तलाशी कार्रवाई के परिणामस्वरूप सतीश सेल के आवास से 1.41 करोड़ रुपये नकद और श्री लाल महल लिमिटेड के कार्यालय परिसर से 27 लाख रुपये नकद जब्त किए गए.

