नर्मदापुरम:- रेलवे स्टेशन पर अपनी ही बेटी को ट्रेन के सामने धक्का देने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक महिला दूसरी शादी करना चाहती थी, जिसमें उसकी 8 साल की बेटी बाधा बन रही थी, जिसके बाद महिला ने अपनी बेटी को रास्ते से हटाने के लिए घटना को अंजाम दिया। फिलहाल बेटी को ट्रेन के सामने धकेलने वाली मां को जीआरपी इटारसी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घायल बच्ची ने सोमवार को भोपाल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी मां के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा को बढ़ाकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
मां ने बेटी को ट्रेन के आगे दिया धक्का
जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे ने बताया कि नर्मदापुरम निवासी अंजू राजपूत कृषि विभाग में बाबू के पद पर पदस्थ है। 17 मार्च 2026 की रात करीब 8 बजे वह अपनी 8 वर्षीय बेटी युविका को लेकर नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पहुंची थी। यहां तमिलनाडु एक्सप्रेस के आने के दौरान उसने बेटी को ट्रेन के सामने धकेल दिया। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची को पहले नर्मदापुरम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने पर उसे भोपाल रेफर किया गया, जहां उसकी सर्जरी हुई और तब से उसका इलाज चल रहा था। सोमवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।
पति की मौत के बाद मिली थी अनुकंपा नियुक्ति
पुलिस के मुताबिक घटना के दूसरे दिन ट्रेन चालक के बयान दर्ज किए गए थे। चालक ने भी बताया था कि महिला ने खुद बच्ची को ट्रेन के सामने धकेला था। शुरुआती पूछताछ में आरोपी मां घटना से इनकार करती रही, लेकिन बाद में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसके पति की कुछ समय पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद उसे कृषि विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वह दोबारा शादी करना चाहती थी, लेकिन बच्ची के कारण उसे परेशानी महसूस हो रही थी। इसी वजह से उसने बच्ची को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

