नई दिल्ली :- कॉलेज में पढ़ने वाली अपनी सहपाठी के साथ उसकी दोस्ती थी और इस दोस्ती में महिला सहपाठी से उसने लिए थे ढाई लाख रुपए लेकिन जब उसकी सहपाठी ने बार-बार पैसा मांगना आरंभ किया तब वह पैसा देने में आनाकानी किया और फिर युवक ने शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा जिससे उबकर महिला सहपाठी ने अपने भाई के साथ मिलकर युवक की गला घोटकर शव को फेंक दिया था गंगा में पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को बरामद किया और फिर हत्या का खुलासा करते हुए दोनों भाई-बहन को जेल भेजा.
गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस के चंगुल में यह युवक परीक्षित सिंह और उसकी बहन जो सुहवल थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी मामला मृतक मनोहर अपनी कॉलेज के दिनों की सहपाठी से करीब 1 साल पहले ढाई लाख रूपए उधार लिए थे और उसे पैसे को वापस नहीं कर रहा था जबकि उसकी सहपाठी मऊ जनपद में एसबीआई बैंक में कर्मचारी थी.
इसी बात को लेकर दोनों मनोहर और महिला में काफी विवाद हुआ करता था और मनोहर बार-बार महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान भी किया करता था जिससे महिला काफी परेशान रहती थी और उसकी परेशानी को देखकर उसके भाई ने उसे सच्चाई जानने का प्रयास किया तो महिला ने पहले तो बताने से इनकार किया लेकिन बाद में उसने बताया कि मनोहर ने उसे ढाई लाख रूपए उधार लिए हैं.
और मांगने पर पैसा भी वापस नहीं कर रहा है और हमारी इज्जत के साथ खिलवाड़ भी कर रहा है और बदनाम करने की धमकी दे रहा है उसने यह भी बताया कि मनोहर का कई अन्य लड़कियों से भी संबंध है जिससे वह बातचीत होती रहती है उसके बाद युवक ने अपनी बहन से कहा कि अब तुम परेशान ना हो अब आगे जब भी तुम्हें मनोहर मिलने के लिए बुलाए तो मुझे बताना और फिर मनोहर ने महिला को फोन किया और मिलने के लिए गाजीपुर के रौज़ा इलाके में बुलाया.
इसके बाद महिला ने इसकी जानकारी अपने भाई को दिया और महिला और मनोहर दोनों गाजीपुर के गंगा नदी पर बने रेलवे पुल के नीचे जो सुहवल थाना क्षेत्र में आता है वहां पहुंचे जहां पर महिला से इंतजार कर रही था और फिर वहां पर पैसे के वापसी को लेकर बात होने लगी लेकिन मनोहर दोनों भाई-बहन को ही दोषी बताने लगा और यह भी कहा कि पैसा वापस नहीं करूंगा और तुम्हारी बहन की बदनामी होगी मेरा कुछ नहीं होने वाला.
इन्हीं बातों से गुस्सा में आकर दोनों भाई-बहन ने उसके स्कोर्फ़ से गला दबाकर मार डाला और फिर गंगा नदी में फेंक दिया और उसकी मोटरसाइकिल पर गंगा घाट पर से ही मिट्टी लगाकर उसकी बाइक को हमिद सेतु पर लाकर छोड़ दिया था ताकि लोगों को यह समझ में आए कि उसने किसी कारण से गंगा में छलांग लगाकर आत्महत्या कर लिया है वहीं परिवार के द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद जब इस मामले को लेकर पुलिस सक्रिय हुई और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सर्च करना शुरू किया तब मामला कुछ और ही निकला.

