रायपुर : छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी जोरों पर हैं। भाजपा ने 21 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो से तीन दिन में दूसरी लिस्ट जारी कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी में ज्यादातर नए चेहरों पर दांव लगाया जा रहा है। ऐसे में कई नेताओं के टिकट कटने की उम्मीद हैं। वहीं अगर कांगे्रस पार्टी कि बात करें तो 6 सितंबर के आसपास प्रत्याशियों के लिस्ट जारी हो सकते हैं। जानकारों का कहना है कि भूपेश बघेल कैबिनेट के सभी मंत्रियों की टिकट लगभग फाइनल है। इनमें से तीन से चार मंत्रियों की सीटों में परिवर्तन हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन से लड़ेंगे, वहीं उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव अम्बिकापुर से, मंत्री ताम्रध्वज साहू दुर्ग ग्रामीण या बेमेतरा, मंत्री रविंद्र चौबे साजा, मंत्री मो. अकबर कवर्धा, मंत्री कवासी लखमा कोंटा, डॉ. शिवकुमार डहरिया आरंग या बिलाईगढ़ या सरायपाली से लड़ेंगे। वहीं मंत्री अमरजीत भगत सीतापुर, मंत्री अनिला भेंड़िया डौंडीलोहारा या मोहला-मानपुर, मंत्री उमेश पटेल खरसिया, मंत्री मोहन मरकाम कोंडागांव, मंत्री गुरु रूद्रकुमार अहिवारा या नवागढ़ या मुंगेली और जयसिंह अग्रवाल कोरबा से चुनाव लड़ेंगे। मंत्री गुरु रूद्रकुमार, मंत्री ताम्रध्वज साहू, डॉ. शिवकुमार डहरिया, अनिला भेंड़िया की सीटों में परिवर्तन होने की संभावना जताई गई है।
40 नाम की हो सकती है घोषणा
मिशन 2023 की तैयारी में जुटी कांग्रेस की प्रत्याशियों की पहली सूची में 40 नाम की घोषणा हो सकती है। ब्लाक स्तर पर मिले आवेदनों को लेकर तीन से पांच नाम का पैनल तैयार हो गया है। कई जिला कांग्रेस कमेटी ने पैनल तैयार करके प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेज दिया है।
कुछ विधायकों की कट सकती है टिकट
कुछ विधायकों की टिकट कट सकती है। इसके पीछे जिला कांग्रेस कमेटी में उनके नाम पर विरोध को प्रमुख माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मरवाही विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक केके ध्रुव को प्रत्याशी नहीं बनाने को लेकर जिला कमेटी ने प्रदेश कमेटी को पत्र लिखा है। वहां से 23 दावेदार हैं और सभी ने एकजुट होकर कहा कि ध्रुव भाटापारा के निवासी है। उनको टिकट देने से मरवाही का प्रतिनिधित्व नहीं हो रहा है। स्थानीय व्यक्ति को टिकट दिया जाए। कसडोल और बिलाईगढ़ में विवाद की स्थिति है। महासमुंद जिले की सीटों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर उठ रहे हैं। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो रायपुर जिले की सात में से चार सीट पर विधायकों का नाम पैनल में एक नंबर पर रखा गया है।
विधायक बना रहे एक नाम का पैनल भेजने का दबाव
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि अधिकांश जिले में विधायक एक नाम का पैनल भेजने के लिए जिलाध्यक्षों पर दबाव बना रहे हैं। कई जिलों में यह बात प्रचारित भी कर दी गई कि एक नाम का पैनल भेजा गया है। कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी ने तीन से पांच नाम का पैनल आएगा।
धमतरी में बवाल के बाद अटका पैनल
राजीव भवन में धमतरी, कुरूद और सिहावा विधानसभा क्षेत्र के लिए तीन-तीन दावेदारों के नाम का पैनल तैयार करने के लिए बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन विवाद के बाद पैनल अटक गया। बैठक में सहमति नहीं बन पाने और हंगामा के आसार को देखते हुए उपस्थित पदाधिकारियों ने यह रास्ता निकाला की पदाधिकारी प्राथमिकता क्रम में तीन-तीन नामों को लिखेंगे। इस तरह पदाधिकारियों ने अपने विवेक और पसंद के अनुसार तीन-तीन नाम को लिख कर दिया। इसके बाद सभी नामों को लिफाफे में बंद कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेज दिया गया है। ब्लाक कमेटी से धमतरी के लिए 64 आवेदन, कुरूद के लिए 35 तथा सिहावा के लिए 27 आवेदन प्राप्त हुए थे।

